Aarogya Advance Clinic by Dr Naresh Dhakad

Aarogya Advance Clinic by Dr Naresh Dhakad All type of joint pain, All type of skin infection,allergy, acne ,asthma, kidney stone, and All type

निमोनिया (Pneumonia) फेफड़ों का एक संक्रमण है जो बैक्टीरिया, वायरस या फफूंद (fungi) के कारण होता है, जिससे फेफड़ों की वा...
05/01/2026

निमोनिया (Pneumonia) फेफड़ों का एक संक्रमण है जो बैक्टीरिया, वायरस या फफूंद (fungi) के कारण होता है, जिससे फेफड़ों की वायु थैलियों (air sacs) में सूजन आ जाती है और वे तरल पदार्थ या मवाद से भर जाती हैं, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है. यह एक गंभीर बीमारी हो सकती है, खासकर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए, और इसके लक्षणों में खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द शामिल हैं, जिसका इलाज एंटीबायोटिक्स और अन्य दवाओं से संभव है, और टीकाकरण से इसे रोका जा सकता है.
निमोनिया क्या है? (What is Pneumonia?)
निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है जिसमें फेफड़ों की छोटी वायु थैलियां (एल्विओली) संक्रमित हो जाती हैं और उनमें तरल पदार्थ या मवाद भर जाता है.
यह संक्रमण बैक्टीरिया (जैसे न्यूमोकोकस), वायरस, या फफूंद के कारण हो सकता है.

मुख्य लक्षण (Key Symptoms)
खांसी (बलगम के साथ या बिना), बुखार, सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना, सीने में दर्द, थकान और सुस्ती.

कारण (Causes)
बैक्टीरिया (Bacteria): जैसे स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया (Streptococcus pneumoniae).
वायरस (Viruses): फ्लू (Influenza) जैसे वायरस भी निमोनिया का कारण बन सकते हैं.
फफूंद (Fungi): फंगल संक्रमण से भी निमोनिया हो सकता है.

जोखिम में कौन है? (Who is at Risk?)
12 महीने से कम उम्र के शिशु और 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग.

कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) वाले लोग (जैसे कुपोषण या HIV से पीड़ित).
जो लोग धूम्रपान करते हैं.

उपचार और रोकथाम (Treatment and Prevention)
उपचार (Treatment): डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक्स (बैक्टीरियल निमोनिया के लिए), एंटीवायरल दवाएं और अन्य सपोर्टिव केयर (जैसे ऑक्सीजन) दी जाती है.

रोकथाम (Prevention):
टीकाकरण (Vaccination): कुछ निमोनिया के टीके उपलब्ध हैं (जैसे न्यूमोकोकल वैक्सीन).

स्वच्छता (Hygiene): हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह ढकना.
धूम्रपान से बचें (Avoid Smoking): फेफड़ों को मजबूत रखता है.
स्तनपान (Breastfeeding): शिशुओं में इम्यूनिटी बढ़ाता है.
महत्वपूर्ण सलाह (Important Advice)
बच्चों और बुजुर्गों में निमोनिया के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है.



🙏🌹 *🐍ॐजय श्री महाकाल🐍* 🌹🙏*꧁_ ॐ नमः पार्वती पतये*             *हर हर महादेव।_꧂*🔱🕉🔱🙏🏻🚩  🚩🙏🏻    *स्वयंभू दक्षिणमुखी राजाधिर...
04/01/2026

🙏🌹 *🐍ॐजय श्री महाकाल🐍* 🌹🙏
*꧁_ ॐ नमः पार्वती पतये*
*हर हर महादेव।_꧂*

🔱🕉🔱
🙏🏻🚩 🚩🙏🏻
*स्वयंभू दक्षिणमुखी राजाधिराज मृत्युलोकाधिपति भूतभावन अवंतिकानाथ बाबा श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी का भस्म श्रृंगार आरती दर्शन*
🌹🌹🚩🚩
*‼️०४-०१-२०२६‼️रविवार !*

03/01/2026
हेपेटाइटिस (Hepatitis) का मतलब है लिवर (यकृत) में सूजन, जो अक्सर वायरल इन्फेक्शन (हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी, ई) के कारण ह...
30/12/2025

हेपेटाइटिस (Hepatitis) का मतलब है लिवर (यकृत) में सूजन, जो अक्सर वायरल इन्फेक्शन (हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी, ई) के कारण होता है, लेकिन शराब, दवाइयाँ, और टॉक्सिन भी इसके कारण बन सकते हैं; इसके लक्षणों में बुखार, थकान, भूख न लगना, पीलिया, और पेट दर्द शामिल हैं, और इसके प्रकारों (एक्यूट/क्रोनिक) के आधार पर इलाज और गंभीरता अलग होती है, जिसके लिए बचाव (टीकाकरण, स्वच्छता) और डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण है।

हेपेटाइटिस क्या है (What is Hepatitis)?
यह लिवर में होने वाली सूजन (Inflammation) है, जो लिवर के सामान्य कार्यों को प्रभावित करती है।

कारण (Causes)
वायरल: हेपेटाइटिस A, B, C, D, और E वायरस सबसे आम कारण हैं।
गैर-वायरल: अत्यधिक शराब का सेवन, कुछ दवाएँ, रसायन, और ऑटोइम्यून समस्याएँ भी इसका कारण बन सकती हैं।
फैलने का तरीका: हेपेटाइटिस A दूषित भोजन/पानी से, जबकि B और C संक्रमित खून, सुइयों या यौन संपर्क से फैलते हैं।

लक्षण (Symptoms)
भूख न लगना, मतली, उल्टी
थकान और जोड़ों/मांसपेशियों में दर्द
पेट में दर्द (खासकर दाहिनी ओर) और हल्का बुखार
त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया) और गहरे रंग का पेशाब
प्रकार (Types)
एक्यूट (Acute): अचानक शुरू होकर कुछ हफ्तों या महीनों में ठीक हो जाता है (जैसे हेपेटाइटिस A)।
क्रोनिक (Chronic): धीरे-धीरे बिगड़ता है और लंबे समय तक रह सकता है, जिससे सिरोसिस या लिवर कैंसर का खतरा बढ़ता है (जैसे हेपेटाइटिस B और C)।

बचाव और उपचार (Prevention & Treatment)
टीकाकरण: हेपेटाइटिस A और B के टीके उपलब्ध हैं।
साफ-सफाई: खाने-पीने में स्वच्छता का ध्यान रखें और असुरक्षित सुइयों से बचें।

शराब से परहेज: शराब का सेवन कम करें या बंद करें।
डॉक्टर की सलाह: लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें, क्योंकि इलाज प्रकार के अनुसार अलग होता है, जैसे हेपेटाइटिस बी और सी के लिए एंटीवायरल दवाएं।

*🔥ॐ📿ll  ्री_महाँकाल ll📿ॐ🔥*      *🎪श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन*🎪 🔱   * ्म_आरती_के_अद्भुत_दर्शन   🔱**स्वयंभू दक्ष...
30/12/2025

*🔥ॐ📿ll ्री_महाँकाल ll📿ॐ🔥*
*🎪श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन*🎪
🔱 * ्म_आरती_के_अद्भुत_दर्शन 🔱*
*स्वयंभू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग राजाधिराज* *मृत्युलोकाधिपति भूतभावन अवंतिकानाथ* *बाबा महाकाल का आज पावन दिव्य* * #भस्म_आरती श्रंगार दर्शन मंगलवार 30 दिसंबर 2025* 🙏 *🚩 ॐ शिवाय नमस्तुभ्यं 🚩*

*┈┉┅━❀꧁ω❍ω꧂❀━┅┉┈*

29/12/2025
इस विंटर सेशन मे होने वाली बीमारियों की कुछ महत्बपूर्ण होम्योपैथिक मेडिसिन ll
29/12/2025

इस विंटर सेशन मे होने वाली बीमारियों की कुछ महत्बपूर्ण होम्योपैथिक मेडिसिन ll

रीनल फेल्योर (Renal Failure) का मतलब है किडनी का ठीक से काम न करना, जिससे खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकल प...
27/12/2025

रीनल फेल्योर (Renal Failure) का मतलब है किडनी का ठीक से काम न करना, जिससे खून से गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर नहीं निकल पाता, और यह स्थिति गुर्दे की विफलता या किडनी फेलियर कहलाती है.
यह अस्थायी (Acute) या स्थायी (Chronic) हो सकता है, और इसके कारण शरीर में अपशिष्ट जमा होने लगते हैं, जिससे थकान, सूजन, मतली जैसे लक्षण दिखते हैं और इलाज के लिए डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट की ज़रूरत पड़ सकती है.

मुख्य बिंदु (Key Points)
अर्थ (Meaning): जब किडनी (गुर्दे) खून को साफ करने और पेशाब बनाने का अपना मुख्य काम ठीक से नहीं कर पाते हैं, तो इसे रीनल फेल्योर कहते हैं.

कारण (Causes): इसके मुख्य कारणों में मधुमेह (Diabetes) और उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) शामिल हैं, साथ ही दवाइयों का ज़्यादा सेवन और संक्रमण भी हो सकते हैं.

लक्षण (Symptoms): थकान, शरीर में सूजन (खासकर पैरों में), उल्टी, कम पेशाब आना, और भूख न लगना इसके सामान्य लक्षण हैं.
प्रकार (Types):

तीव्र (Acute Renal Failure): अचानक होता है और ठीक हो सकता है.
क्रोनिक (Chronic Renal Failure): धीरे-धीरे विकसित होता है और स्थायी हो सकता है (क्रोनिक किडनी डिजीज - CKD).

इलाज (Treatment): डायलिसिस (रक्त को साफ करने की प्रक्रिया) या किडनी प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) इसके मुख्य इलाज हैं.



Superrb information for car driving
27/12/2025

Superrb information for car driving

Address

Pipalkhedi
Raghogarh
473287

Telephone

9907075074

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Aarogya Advance Clinic by Dr Naresh Dhakad posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Aarogya Advance Clinic by Dr Naresh Dhakad:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram