Ayukalp Piles Care & Panchkarma Centre

Ayukalp Piles Care & Panchkarma Centre Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Ayukalp Piles Care & Panchkarma Centre, Medical and health, Kushalpur chowk Road Changorabhata, Raipur.

29/12/2025

Piles Care & Panchkarma Centre

चिकित्सकीय परामर्श लें !

*डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान*
*एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद*
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
*पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ*
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

29/12/2025

Piles Care & Panchkarma Centre

चिकित्सकीय परामर्श लें !

*डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान*
*एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद*
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
*पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ*
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

26/12/2025

श्रेष्ठ चिकित्सा वही है जो दूसरे रोग को पैदा न करे !
स्वास्थ्य और चिकित्सा के मूल सिद्धांत को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि सही इलाज वह है जो बीमारी को ठीक करने के साथ-साथ कोई नया या अतिरिक्त शारीरिक या मानसिक कष्ट न दे; यह प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, और समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) के दर्शन से जुड़ा है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर देता है और केवल लक्षणों को दबाने के बजाय बीमारी के मूल कारण का इलाज करता है, ताकि उपचार स्वयं ही समस्या न बन जाए।
इस कथन का अर्थ :
समग्र दृष्टिकोण ( Holistic Approach ): अच्छी चिकित्सा केवल एक बीमारी पर ध्यान नहीं देती, बल्कि पूरे व्यक्ति के स्वास्थ्य (शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक) पर ध्यान केंद्रित करती है, ताकि उपचार का कोई नकारात्मक दुष्प्रभाव न हो।

परामर्श लें !
डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान
एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

26/12/2025

श्रेष्ठ चिकित्सा वही है जो दूसरे रोग को पैदा न करे !

स्वास्थ्य और चिकित्सा के मूल सिद्धांत को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि सही इलाज वह है जो बीमारी को ठीक करने के साथ-साथ कोई नया या अतिरिक्त शारीरिक या मानसिक कष्ट न दे; यह प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद, और समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) के दर्शन से जुड़ा है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर जोर देता है और केवल लक्षणों को दबाने के बजाय बीमारी के मूल कारण का इलाज करता है, ताकि उपचार स्वयं ही समस्या न बन जाए।

इस कथन का अर्थ :
समग्र दृष्टिकोण ( Holistic Approach ): अच्छी चिकित्सा केवल एक बीमारी पर ध्यान नहीं देती, बल्कि पूरे व्यक्ति के स्वास्थ्य (शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक) पर ध्यान केंद्रित करती है, ताकि उपचार का कोई नकारात्मक दुष्प्रभाव न हो।

संक्षेप में, यह चिकित्सा के उस आदर्श स्वरूप की बात करता है जो 'पहले कोई नुकसान न पहुँचाए' (Primum non nocere) के सिद्धांत का पालन करता है और रोगी के समग्र कल्याण को सुनिश्चित करता है।
परामर्श लें !

डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान
एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

25/12/2025
24/12/2025
23/12/2025



बवासीर के दर्द निवारक दवाओं (analgesics) के कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं, खासकर यदि उनका लंबे समय तक या चिकित्सक की सलाह के बिना उपयोग किया जाए।

*दवाओं के प्रकार और संभावित दुष्प्रभाव*

दवाओं के प्रकार के आधार पर दुष्प्रभाव भिन्न हो सकते हैं:

1. नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)

इस श्रेणी में आइबुप्रोफेन (Ibuprofen), एस्पिरिन (Aspirin), और नेप्रोक्सेन (Naproxen) जैसी दवाएं आती हैं।

आंतों की समस्याएं: लंबे समय तक NSAIDs का उपयोग पेट खराब कर सकता है, अल्सर का कारण बन सकता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव (pet mein khoon aana) के जोखिम को बढ़ा सकता है।

रक्तस्राव का बिगड़ना: यदि बवासीर के कारण पहले से ही रक्तस्राव हो रहा है, तो NSAIDs लेने से गुदा क्षेत्र से रक्तस्राव और खराब हो सकता है।

कब्ज: कुछ मामलों में, ये दवाएं कब्ज को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे बवासीर के लक्षण और खराब हो जाते हैं (मल त्याग के दौरान दबाव के कारण)。

*अन्य:* दीर्घकालिक उपयोग से लिवर, किडनी और हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. ओपिओइड-आधारित दर्द निवारक (जैसे कोडीन)

कब्ज: कोडीन (Codeine) जैसी दवाएं कब्ज का एक प्रमुख कारण बन सकती हैं। बवासीर के मामले में कब्ज सबसे खराब स्थिति है क्योंकि इससे गुदा की नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द व सूजन बढ़ जाती है।

3. सामयिक क्रीम और मरहम (Topical Creams and Ointments)

इनमें अक्सर स्थानीय एनेस्थेटिक्स (जैसे लिडोकेन) या स्टेरॉयड (जैसे हाइड्रोकोर्टिसोन) होते हैं।

त्वचा की संवेदनशीलता: स्थानीय एनेस्थेटिक्स गुदा के आसपास की त्वचा को अधिक संवेदनशील बना सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल कुछ दिनों के लिए उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

त्वचा का पतला होना: हाइड्रोकोर्टिसोन (Hydrocortisone) जैसे स्टेरॉयड के लंबे समय तक उपयोग से गुदा क्षेत्र की त्वचा पतली हो सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

एलर्जी: दुर्लभ मामलों में, दाने, खुजली या सूजन जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।

*महत्वपूर्ण सावधानियां*

डॉक्टर से परामर्श: किसी भी दर्द निवारक दवा का उपयोग करने से पहले हमेशा एक चिकित्सक से परामर्श लें।

स्व-दवा से बचें: बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं (OTC medicines) का भी लंबे समय तक उपयोग न करें।

खुराक: दवा को हमेशा चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार ही लें।

सही मार्गदर्शन और जीवनशैली में बदलाव, जैसे कि उच्च फाइबर वाला आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, बवासीर के लक्षणों को प्रबंधित करने में अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

आज ही परामर्श लें !@

*डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान*
*एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद*
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
*पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ*
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

23/12/2025



वासीर के दर्द निवारक दवाओं (analgesics) के कुछ सामान्य दुष्प्रभाव हो सकते हैं, खासकर यदि उनका लंबे समय तक या चिकित्सक की सलाह के बिना उपयोग किया जाए।

दवाओं के प्रकार और संभावित दुष्प्रभाव

दवाओं के प्रकार के आधार पर दुष्प्रभाव भिन्न हो सकते हैं:

1. नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs)

इस श्रेणी में आइबुप्रोफेन (Ibuprofen), एस्पिरिन (Aspirin), और नेप्रोक्सेन (Naproxen) जैसी दवाएं आती हैं।

आंतों की समस्याएं: लंबे समय तक NSAIDs का उपयोग पेट खराब कर सकता है, अल्सर का कारण बन सकता है और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल रक्तस्राव (pet mein khoon aana) के जोखिम को बढ़ा सकता है।

रक्तस्राव का बिगड़ना: यदि बवासीर के कारण पहले से ही रक्तस्राव हो रहा है, तो NSAIDs लेने से गुदा क्षेत्र से रक्तस्राव और खराब हो सकता है।

कब्ज: कुछ मामलों में, ये दवाएं कब्ज को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे बवासीर के लक्षण और खराब हो जाते हैं (मल त्याग के दौरान दबाव के कारण)。

अन्य: दीर्घकालिक उपयोग से लिवर, किडनी और हृदय संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. ओपिओइड-आधारित दर्द निवारक (जैसे कोडीन)

कब्ज: कोडीन (Codeine) जैसी दवाएं कब्ज का एक प्रमुख कारण बन सकती हैं। बवासीर के मामले में कब्ज सबसे खराब स्थिति है क्योंकि इससे गुदा की नसों पर दबाव पड़ता है और दर्द व सूजन बढ़ जाती है।

3. सामयिक क्रीम और मरहम (Topical Creams and Ointments)

इनमें अक्सर स्थानीय एनेस्थेटिक्स (जैसे लिडोकेन) या स्टेरॉयड (जैसे हाइड्रोकोर्टिसोन) होते हैं।

त्वचा की संवेदनशीलता: स्थानीय एनेस्थेटिक्स गुदा के आसपास की त्वचा को अधिक संवेदनशील बना सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल कुछ दिनों के लिए उपयोग करने की सलाह दी जाती है।

त्वचा का पतला होना: हाइड्रोकोर्टिसोन (Hydrocortisone) जैसे स्टेरॉयड के लंबे समय तक उपयोग से गुदा क्षेत्र की त्वचा पतली हो सकती है और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

एलर्जी: दुर्लभ मामलों में, दाने, खुजली या सूजन जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं।

महत्वपूर्ण सावधानियां

डॉक्टर से परामर्श: किसी भी दर्द निवारक दवा का उपयोग करने से पहले हमेशा एक चिकित्सक से परामर्श लें।

स्व-दवा से बचें: बिना प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाओं (OTC medicines) का भी लंबे समय तक उपयोग न करें।

खुराक: दवा को हमेशा चिकित्सक द्वारा बताई गई खुराक और अवधि के अनुसार ही लें।

सही मार्गदर्शन और जीवनशैली में बदलाव, जैसे कि उच्च फाइबर वाला आहार और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, बवासीर के लक्षणों को प्रबंधित करने में अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

आज ही परामर्श लें !@

डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान
एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ
आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग
99079 30733, 074704 68077

17/12/2025

शर्म के कारण बवासीर गंभीर हो जाती है क्योंकि लोग डॉक्टर को बताने, उचित इलाज लेने और जीवनशैली में बदलाव करने में झिझकते हैं, जिससे कब्ज, मल त्याग के दौरान ज़ोर लगाना और सूजन बढ़ती है, जो स्थिति को और बिगाड़ता है, दर्द, खुजली, खून बहना बढ़ाता है और तनाव व अकेलेपन के कारण मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है, जिससे अंततः यह एक पुराना और गंभीर रूप ले लेती है।

*शर्म के कारण बवासीर गंभीर होने के मुख्य कारण:*

*इलाज में देरी* : लोग शर्मिंदगी के कारण डॉक्टर से बात करने में हिचकिचाते हैं, जिससे बीमारी शुरुआती स्टेज में ही बढ़ जाती है और बाद में इलाज मुश्किल हो जाता है।

*गलत घरेलू उपाय और जीवनशैली:* शर्म के कारण डॉक्टर की सलाह न लेने पर लोग गलत घरेलू नुस्खे अपनाते हैं और फाइबर युक्त आहार, पानी पीने या व्यायाम जैसी जरूरी जीवनशैली बदलावों को टाल देते हैं, जो कब्ज बढ़ाते हैं और बवासीर को बदतर बनाते हैं।

*तनाव और चिंता:* बवासीर के कारण होने वाला दर्द और शर्मिंदगी तनाव बढ़ाती है, और यह तनाव पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे कब्ज या दस्त होते हैं और बवासीर के लक्षण और बिगड़ते हैं।

*सामाजिक कलंक (Stigma):* लोग इसे एक वर्जित विषय मानते हैं, जिससे वे अकेलेपन और निराशा का शिकार होते हैं, और इस भावनात्मक बोझ के कारण स्थिति और खराब होती है।

*लक्षणों का बढ़ना* : ज़ोर लगाकर मल त्याग करने, लंबे समय तक टॉयलेट में बैठने जैसी आदतें जो शर्मिंदगी के कारण लोग बदलते नहीं, वे मस्सों पर दबाव बढ़ाती हैं और स्थिति को गंभीर कर देती हैं।

*इसे गंभीर होने से कैसे रोकें* :

*डॉक्टर से बात करें* : शर्म छोड़ें, यह एक आम समस्या है और डॉक्टर तुरंत सही इलाज बता सकते हैं।

*जीवनशैली बदलें* : फाइबर युक्त भोजन खाएं, खूब पानी पिएं और नियमित व्यायाम करें।

*शौचालय की आदतें* सुधारें: टॉयलेट में ज्यादा देर न बैठें और मल त्याग के दौरान ज़ोर न लगाएं।

*तनाव कम करें:* तनाव कम करने के तरीके अपनाएं, क्योंकि यह स्थिति को बिगाड़ सकता है।

संक्षेप में, शर्म के कारण इलाज में देरी और खराब जीवनशैली अपनाने से बवासीर सामान्य स्थिति से गंभीर और कष्टदायक बन जाती है, जिससे दर्द, खुजली और ब्लीडिंग बढ़ जाती है।

आज ही परामर्श लें !@डॉ. प्रदीप कुमार प्रधान
एम.एस. पी.एच. डी. आयुर्वेद
सलाहकार सर्जन गुदरोग एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ
पाइल्स, फिशर, भगंदर रोग विशेषज्ञ
*आयुकल्प पाइल्स केयर एवं पंचकर्म केंद्र रायपुर छ.ग*
99079 30733, 074704 68077

14/12/2025

Address

Kushalpur Chowk Road Changorabhata
Raipur
492013

Opening Hours

Monday 9am - 9pm
Tuesday 9am - 9pm
Wednesday 9am - 9pm
Thursday 9am - 9pm
Friday 9am - 9pm
Saturday 9am - 9pm
Sunday 9am - 1:30pm

Telephone

+919907930733

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Ayukalp Piles Care & Panchkarma Centre posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to Ayukalp Piles Care & Panchkarma Centre:

Share

Share on Facebook Share on Twitter Share on LinkedIn
Share on Pinterest Share on Reddit Share via Email
Share on WhatsApp Share on Instagram Share on Telegram