18/02/2026
इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति : कानूनी स्थिति एवं स्पष्ट संदेश
इलेक्ट्रो होम्योपैथी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं है, क्योंकि इसके संबंध में समय-समय पर भारत के सर्वोच्च न्यायालय, अर्थात् द्वारा अनेक स्पष्ट आदेश एवं टिप्पणियाँ जारी की जा चुकी हैं। इन आदेशों के अनुसार, इलेक्ट्रो होम्योपैथी को पूर्णतः अवैध घोषित नहीं किया गया है, बल्कि विधि के अनुरूप कार्य, अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित गतिविधियों को परिस्थितियों के अनुसार देखा गया है।
कानूनी सार (Legal Essence):
• इलेक्ट्रो होम्योपैथी के अध्ययन, शोध एवं संस्थागत गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध का कोई सर्वमान्य अंतिम निर्णय नहीं।
• न्यायालय ने समय-समय पर राज्य सरकारों एवं संबंधित प्राधिकरणों को नियमन (Regulation) के संदर्भ में निर्देशित किया है।
• चिकित्सकों को सलाह दी गई है कि वे अपने कार्य को विधिक सीमाओं, नैतिक मानकों एवं जनहित के अनुरूप संचालित करें।
• भ्रामक प्रचार, अवैध प्रैक्टिस या बिना अनुमति चिकित्सा सेवा से बचना आवश्यक है।
इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक चिकित्सकों हेतु संदेश:
यह समय संयम, एकता, वैधानिक जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का है। सभी चिकित्सक अपने ज्ञान को अद्यतन रखें, कानूनी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा समाज सेवा की भावना के साथ कार्य करें—यही इस पद्धति की सच्ची मजबूती है।
संकल्प:
“वैधानिक मर्यादा, वैज्ञानिक सोच और मानव सेवा—इलेक्ट्रो होम्योपैथी की पहचान।”
NIIMS Electro Homeopathy College & Cancer Research Center
Naaz Intkhab Institute of Medical Science and Cancer Research Hospital
NIIMS Group Of Institutions