
04/08/2025
--------: IBS मिश्रित 21 दिवसीय योजना :--------
IBS-M (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम - मिक्स्ड) एक प्रकार का इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) है, जिसमें दस्त और कब्ज दोनों तरह के लक्षण बारी-बारी से आते हैं. यह एक सामान्य स्थिति है जो पाचन तंत्र को प्रभावित करती है, जिससे पेट दर्द, ऐंठन, सूजन, और मल त्यागने की आदतों में बदलाव हो सकता है।
यहाँ 21 दिवसीय IBS चिकित्सा योजना दी जा रही है, जो आपके IBS के प्रकार (IBS-C, IBS-D या IBS-M) को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा सकती है। लेकिन अभी चूँकि आपने कोई विशेष प्रकार नहीं बताया, इसलिए मैं एक मिश्रित रूप से उपयुक्त (IBS-M) योजना दे रहा हूँ, जिसे आवश्यकता अनुसार कब्ज प्रधान या दस्त प्रधान अवस्था में थोड़ा समायोजित किया जा सकता है।
1- 21 दिवसीय IBS चिकित्सा योजना (IBS-M – मिश्रित प्रकार) -------
(1) रूपरेखा -------
* आंतरिक औषधि ---- अग्नि दीपन, आमपाचन, मल नियमितीकरण।
* बाह्य चिकित्सा ---- तैल पिचु/अभ्यंग, नाभि लेप, तक्रधारा (विशेष अवस्था में)।
* आहार योजना ----- सुपाच्य, अग्निवर्धक, दोषसंतुलनकारी।
* योग व प्राणायाम ----- वात-पित्त शमन, तनावहर।
* दिनचर्या सुधार ----- निद्रा, जागरण, भोजन समय, आदि।
2- दिन 1से 7 (संशोधन-अग्नि व आम पाचन सुधार) --
(1) प्रातः ------
* त्रिकटु चूर्ण – 1 ग्राम + शहद, गुनगुने जल से।
* आवला + सौंठ + बेल पाउडर – 1 चम्मच खाली पेट।
(2) दिन में ------
* हिंग्वाष्टक चूर्ण – 1/2 चम्मच, छाछ के साथ दोपहर में।
* अविपत्तिकर चूर्ण – रात्रि को सोने से पूर्व (यदि एसिडिटी हो)।
(3) आहार -------
* मूँग की पतली खिचड़ी, लौकी, परवल, सादा दही (दोपहर), छाछ (रात्रि नहीं)।
* अदरक, अजवायन, जीरा, हल्दी का नियमित प्रयोग।
(4) योग ------
* पवनमुक्तासन, मंडूकासन, नाड़ी शोधन – 20 मिनट।
3- दिन 8–14 (दोष विशुद्धि व मानसिक संतुलन) -----
(1) प्रातः ------
* ब्राह्मी + शंखपुष्पी चूर्ण – 3 ग्राम दूध के साथ।
* इसबगोल भुना हुआ – 1 चम्मच गुनगुने जल के साथ (रात्रि में – मल के अनुसार मात्रा समायोजित)।
(2) औषध -----
* शंखवटी + चंद्रप्रभा वटी – 1-1 गोली, सुबह-शाम भोजन बाद।
* तक्रपान – छाछ में अजवायन + सेंधा नमक + पुदीना।
(3) आहार -------
* पका केला, पपीता, सेब (छिले हुए), सादी मूँग दाल, उबली लौकी।
* मसालेदार, खट्टा-तीखा, तले भोजन पूर्ण निषेध।
(4) योग -------
* भुजंगासन, शलभासन, अपानासन – 15–20 मिनट।
योगनिद्रा / ध्यान – 10 मिनट।
4- दिन 15 से 21 (स्निग्धता, तंत्रिका-संतुलन व अग्नि स्थिरीकरण) ------
(1) प्रातः --------
* अश्वगंधा + विदारीकंद चूर्ण – 3 ग्राम दूध या घी के साथ।
* गिलोय सत्व – 250mg दिन में दो बार।
(2) औषध ------
* तक्रारिष्ट – 10 ml भोजन बाद, जल के साथ।
* मुस्तकादी चूर्ण – भोजन के पहले 1 ग्राम।
(3) आहार ------
* सबुज मूँग की दाल, जीरा लौकी, पका केला, सेंधा नमक, तक्र, मूँगफली से परहेज़।
* रात्रि का भोजन सूर्यास्त से पहले।
(4) बाह्य चिकित्सा (यदि संभव हो) ------
* पिचु बस्ती (नाभि पर) – अदरक सत्व तैल/हिंग्वादि तैल से, रात्रि में।
* तक्रधारा (विशेष मानसिक तनाव व नींद न आने पर) – सप्ताह में 1–2 बार।
(5) योग -------
* सभी पूर्वासन + शीतली, शीतकारी + नाड़ी शोधन।
* 5 मिनट गहन ध्यान।
5- अन्य सामान्य निर्देश -------
नियमित दिनचर्या, रात्रि में देर से जागना न करें,
3–4 लिटर जल, लेकिन भोजन के तुरंत बाद जल वर्जित, भोजन में विरुद्धाहार न लें – दूध+फल, दही+नमक आदि न लें, टीवी या मोबाइल देखते हुए भोजन न करें, मनोबल बनाए रखें – IBS मन और शरीर का संतुलन बिगड़ने से होता है।