YOGA-The Journey Of Faith

YOGA-The Journey Of Faith Yoga For Peace, Prosperity & Happiness..

अद्भुत, अकल्पनीय, सर्वश्रेष्ठ 🏏जियो मेरे शेर! भारत को नाज है आप पर ✨T20 विश्व कप खिताब जीत कर आपने 140 करोड़ भारतवासियों...
29/06/2024

अद्भुत, अकल्पनीय, सर्वश्रेष्ठ 🏏

जियो मेरे शेर!

भारत को नाज है आप पर ✨

T20 विश्व कप खिताब जीत कर आपने 140 करोड़ भारतवासियों का मस्तक गर्व से ऊंचा कर दिया है।
पूरी भारतीय क्रिकेट टीम को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं 💐

जम्मू कश्मीर में बड़ा आतंकी हमला !वैष्णो देवी जा रही बस पर इस्लामी आतंकियों ने की गोलीबारी।अबतक 10 से ज्यादा की मौत, 30 ...
09/06/2024

जम्मू कश्मीर में बड़ा आतंकी हमला !

वैष्णो देवी जा रही बस पर इस्लामी आतंकियों ने की गोलीबारी।

अबतक 10 से ज्यादा की मौत, 30 घायल।

कई मासूमों के मौत की खबर, छोटे छोटे बच्चों को मारी गयी गोली !

क्या राफाह पर हल्ला करने वाले बॉलीवुड के लोग अब कुछ बोलेंगे ?

भारत के विजय-रथ सारथी पद पर पुनर्भिषिक्त हुए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी Narendra Modi  व उनके नेतृत्व में ...
09/06/2024

भारत के विजय-रथ सारथी पद पर पुनर्भिषिक्त हुए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी Narendra Modi व उनके नेतृत्व में राष्ट्र-निर्माण के शपथ-पथ पर अग्रसर सभी नव-नियुक्त मंत्रीगणों को हार्दिक शुभकामनाएँ। आप सब जन-गण मन की अभिलाषाओं को पूर्ण करते हुए माँ भारती को विश्व नेतृत्व के लिए तत्पर करें यही कामना है। राघवेंद्र सरकार हमारे भारत का मंगल करें 🙏। कल्याणमस्तु🇮🇳🙏

सभी पत्रकार बंधु को मैं बधाई देना चाहता हूं,जिन्होंने अपने अखबार के माध्यम से यह खबर प्रकाशित किए।
22/06/2023

सभी पत्रकार बंधु को मैं बधाई देना चाहता हूं,जिन्होंने अपने अखबार के माध्यम से यह खबर प्रकाशित किए।

*रोगों के लिए किसी वरदान से कम नही है कपिंग थेरेपी:-गुलशन हिन्दुस्तानी।*कई थेरेपीज ऐसी हैं जो सदियों से चली आ रही हैं, ल...
15/05/2023

*रोगों के लिए किसी वरदान से कम नही है कपिंग थेरेपी:-गुलशन हिन्दुस्तानी।*

कई थेरेपीज ऐसी हैं जो सदियों से चली आ रही हैं, लेकिन उसके फायदे के बारे में लोगों को काफी कम पता है।आज हम आपको एक ऐसी ही थेरेपी के बारे में बताने वाले हैं, जिसको कराने के कई फायदे हैं और कई लोग भी इसको कराते रहते हैं।हम बात कर रहे हैं कपिंग थेरेपी की। कपिंग थेरेपी बेहद फायदेमंद मानी जाती है और शरीर की कई दिक्कतों को दूर करने का काम करती है।कपिंग थेरेपी की मदद से सेलिब्रिटी शारीरिक दर्द से राहत और त्वचा से बुढ़ापे के लक्षणों दूर कर रहे हैं।कपिंग थेरेपी के पीछे सभी सेलिब्रिटी दीवाने हुए जा रहे हैं।इसे कई अभिनेत्रियां भी अजमा चूंकि है।

*कपिंग थेरेपी के फायदे।*

कपिंग थेरेपी दर्द में देती है राहत जिन लोगों शरीर के किसी हिस्से में दर्द है उनके लिए कपिंग थेरेपी उमदाह ऑप्शन साबित हो सकती है। यह सिर दर्द, माइग्रेन, शियाटिका और मासपेशियों के दर्द में राहत देने का काम करती है।इसके अलावा कपिंग थेरेपी को अर्थराइटिस पेशेंट्स के लिए भी अच्छा माना जाता है. अगर आपको इनमें से कोई भी दर्द है तो आप कपिंग थेरेपी करा सकते हैं।

*लंग्स की दिक्कतों के लिए फायदेमंद।*

कपिंग थेरेपी लंग्स की दिक्कतों में भी फायदेमंद मानी जाती है। अगर आपको फेफड़ों से जुड़ा कोई रोग है तो आप कपिंग थेरेपी करा सकते हैं। यह अस्थमा, ब्रॉन्काइटिस में फायदेमंद मानी जाती है।ध्यान रहे इसे एक्सपर्ट से ही कराएं।

*स्किन के लिए फायदेमंद।*

कपिंग थेरेपी स्किन के लिए उमदाह चीज है।यह पिंपल्स और रिंकल्स को सही करने का काम करती है।जिन लोगों को एक्जेमा और सेल्युलाइट आदि की दिक्कत है उन्हें कपिंग थेरेपी करानी चाहिए।यह थेरेपी खून के दौरान को बेहतर करती है और नसों को खोलने का काम करती है।जिस से स्किन फेयर और ग्लोइंग बनी रहती है।वहीं, इस थेरेपी से झुर्रियां, ढीली त्वचा जैसे एजिंग के लक्षण दूर किए जा सकते हैं।

*लिवर के लिए फायदेमंद।*

ऐसा दावा किया जाता है कि कपिंग थेरेपी लिवर को डिटॉक्सिफाई करने का काम करती है।यह लिवर इन्फेक्शन को दूर करने में मददगार है।जिन लोगों को लिवर की दिक्कत की वजह से खाना सही से नहीं पचता है, उन्हें कपिंग थेरेपी करानी चाहिए।

*पाचन क्रिया को सही करती है कपिंग।*

कपिंग थेरेपी पाचनक्रिया की कई तरह की दिक्कतों को भी दूर करती है।ऐसा दावा किया जाता है कि जिन लोगों को खाना सही से नहीं पचता है उन्हें कपिंग थेरेपी करानी चाहिए।

*आहार और योग*◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ *योग में डाइट को बहुत अहम माना जाता है।  ऐसा माना जाता है कि आहार न केवल शारीरिक स्थिति ...
15/03/2023

*आहार और योग*
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*योग में डाइट को बहुत अहम माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि आहार न केवल शारीरिक स्थिति बल्कि मानसिक स्थिति को भी प्रभावित करता है:-गुलशन हिन्दुस्तानी।*

*आहार तीन प्रकार का हो सकता है:-*
राजसी, तामसी और सात्विक।
राजसी का अर्थ है राजसी। इसमें मांसाहारी व्यंजन शामिल हैं। यह एक उच्च प्रोटीन और उच्च ऊर्जा देने वाला आहार है।
* योग चिकित्सक इस आहार की सलाह नहीं देते क्योंकि इससे शरीर का वजन बढ़ता है।
* यह भारीपन, सुस्ती और रुचि की सामान्य कमी की भावना पैदा करता है।
* यह आहार जोश भी जगाता है। तामसी आहार में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के व्यंजन शामिल होते हैं।
* इस डाइट में मिर्च-मिर्च जैसे ढेर सारे मसाले, बासी खाना और ठंडा, दोबारा गर्म किया हुआ खाना शामिल होता है।
* योग चिकित्सकों द्वारा भी इस आहार की सिफारिश नहीं की जाती है। ऐसा माना जाता है कि यह एक व्यक्ति बनाता है।

झगड़ालू और असहिष्णु। सात्विक आहार शुद्ध शाकाहारी होता है जिसमें बहुत कम मसाले होते हैं। योग चिकित्सकों द्वारा इस आहार की सिफारिश की जाती है क्योंकि यह है:
* अच्छी तरह से संतुलित।
* यह पचने में आसान होता है।
* सात्विक आहार में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता है।
* हरी और पत्तेदार सब्जियां जो इस आहार का हिस्सा हैं, शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।

*योगिक आहार के अनुसार खाद्य पदार्थों का चयन।*
खाद्य समूह और खाद्य सामग्री
अनाज - गेहूँ, चावल, ज्वार, बाजरा। वे कार्बोहाइड्रेट का एक अच्छा स्रोत हैं।
दूध - दूध अपने आप में एक संपूर्ण आहार है। दूध से बने उत्पाद जैसे मक्खन, छाछ, दही, पनीर प्रोटीन, खनिज और विटामिन से भरपूर होते हैं
दालें - दालें प्रोटीन का स्रोत होती हैं। सोयाबीन प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसमें आयरन और विटामिन भी अच्छी मात्रा में होते हैं।
सब्जियां - सभी सब्जियों में, योगियों को कुछ सब्जियों की सलाह दें जो विटामिन और खनिजों का अच्छा स्रोत हैं।
पालक - पालक आयरन, विटामिन, कैल्शियम और अमीनो-एसिड का अच्छा स्रोत है। लेट्यूस, मूली और मेथी-ग्रीक में भी मिनरल्स और वीटा-मिन्स होते हैं।
भिंडी - यह सब्जी जननेंद्रिय-मूत्र-अंगों के लिए और पेट के विकारों में बहुत उपयोगी है।
जंगली नाग लौकी - यह ऊर्जा और शक्ति के लिए अच्छा है।
बैंगन - यह सब्जी लिवर की बीमारियों से पीड़ित लोगों की मदद करती है।
करेला - यह रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है। यह गठिया और प्लीहा और यकृत के रोगों से पीड़ित लोगों के लिए अनुशंसित है।
जड़ और कंद - आलू, चुकंदर और गाजर कार्बोहाइड्रेट के अच्छे स्रोत हैं।
चीनी और गुड़ - गुड़ कार्बोहाइड्रेट और ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
फल - सभी प्रकार के फलों की सिफारिश की जाती है क्योंकि वे विटामिन के अच्छे स्रोत होते हैं।
सूखे मेवे - योग चिकित्सक भी सूखे मेवों की सलाह देते हैं, जैसे खजूर, अंजीर, किशमिश और बादाम, क्योंकि ये विटामिन के अच्छे स्रोत हैं।
तेल और वसा - खाना पकाने के लिए सरसों, तिल और सूरजमुखी के तेल का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इनमें असंतृप्त वसा होती है।
मसाले और एलोकोल - ये शरीर के लिए हानिकारक माने जाते हैं।
चाय और कॉफी - चाय और कॉफी को शरीर के लिए अच्‍छा नहीं माना जाता है। भोजन के बाद इनसे बचना चाहिए।
प्रत्येक व्यक्ति की शरीर की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। जो एक के लिए उपयुक्त है वह दूसरे के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। इसलिए व्यक्ति को ऐसा आहार बनाना चाहिए जो उसके शरीर की जरूरतों को पूरा करे।
एक आदर्श आहार होना चाहिए:
* ऊर्जा देने वाला।
*स्वास्थ्यवर्धक।
* संतुलित - इसमें अनाज, दूध, अनाज, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, ताजे फल आदि शामिल होने चाहिए।

योगी सलाह देते हैं कि व्यक्ति को वही खाना चाहिए जो उसकी भूख को संतुष्ट करने के लिए आवश्यक हो। हमें न तो अधिक भोजन करना चाहिए और न ही आवश्यकता से कम खाना चाहिए। योगियों का मानना ​​है कि आधा पेट भोजन से, एक चौथाई पानी से भरना चाहिए और बाकी को गैस या हवा के लिए खाली छोड़ देना चाहिए। भूख लगने पर ही भोजन करना चाहिए। भोजन के बीच चार घंटे का अंतर होना चाहिए।
भोजन के साथ पानी नहीं लेना चाहिए। इसे भोजन से आधा घंटा पहले या बाद में लिया जा सकता है। भोजन को ठीक से चबाकर खाना चाहिए। भोजन को ठीक से चबाकर खाने से पाचन में मदद मिलती है और अधिक खाने से रोकता है।
एक अच्छा और संतुलित आहार स्वस्थ शरीर और मन की कुंजी है।

*वर्तमान जीवन शैली में योग संजीवनी बूटी की तरह कार्य कर रहा है :-  ✍🏻शिवेश कुमार सिंह....**--* जीवन जीने का सही मार्ग यो...
21/06/2021

*वर्तमान जीवन शैली में योग संजीवनी बूटी की तरह कार्य कर रहा है :- ✍🏻शिवेश कुमार सिंह....*

*--* जीवन जीने का सही मार्ग योग और ध्यान है योग के अभ्यास से शरीर और मन दोनों को सुख मिलता है साथ ही साथ शारीरिक ,मानसिक और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति भी होती है इसलिए योग का अभ्यास प्रतिदिन और नियमित रूप से करें इस भागम-भाग वाली जीवनशैली में तन मन की एकाग्रता के लिए नियमित रूप से योग का अभ्यास प्रतिदिन करें..
नियमित रूप से योगाभ्यास के माध्यम से अपने शरीर को ऊर्जावान और बलवान बना सकते हैं अपने शरीर का रोग- प्रतिरोधक क्षमता को भी विकसित करते हैं जिसके कारण हम किसी भी तरह की गंभीर बीमारी की चपेट में नहीं आते हैं...
आसन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से हम अपने बेचैनी,अवसाद,तनाव, चिंता और आलस को दूर करते हैं जो हमें भावनात्मक और सकारात्मक बनाए रखता है.....

*आप सभी को 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की हार्दिक बधाई*

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21/05/2021

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17/05/2021

*वैश्विक महामारी कोरोना में संजीवनी की तरह कार्य कर रहा है षट्कर्म का जल नेति क्रिया:- ✍🏻योगगुरु शिवेश कुमार सिंह*
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षट्कर्म:- यानी शरीर की शुद्धि, षट्कर्म के माध्यम से शरीर के विषैले पदार्थों को निकाला जाता है....

*जैसा कि हम सभी जानते हैं वैश्विक महामारी कोरोना का वायरस हमारे नासिका छिद्र से होते हुए हमारे फेफड़े तक पहुंच रही है जिससे कई लोगों को गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगों की मृत्यु बीमारी की वजह से हो जा रही है...*
*तो आइए जानते हैं जल नेति:-( यानी जल के द्वारा नासिका की सफाई) जल नेति क्रिया है जिससे जल के द्वारा अपने नासिका की सफाई किया जाता है, नासिका में जमे हुए श्लेष्मा, गंदगी, प्रदूषण,संक्रमण और बैक्टीरिया आदि को बाहर निकाला जाता है,

**जल नेति क्रिया का विधि*:-
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**सबसे पहले आप वैसा नेति लोटा या नेतिपॉट लें जो आसानी से आपके नाक के छिद्र में घुस सके।*
**नेति लोटा में आधा लीटर गुनगुना नमकीन पानी और एक चम्मच नमक भर लें।**
*पैरों के बीच डेढ़ से दो फुट की दूरी रखें*
**कमर से आगे की ओर झुकें। नाक का जो छिद्र उस समय अधिक सक्रिय हो, सिर को उसकी विपरीत दिशा में झुकाएं।*
**अब आप नेति लोटा की टोंटी को नाक के सक्रिय छिद्र में डाल लें।*
**मुंह को खोल कर रखें ताकि आप को सांस लेने में परेशानी न हो।*
**पानी को नाक के एक छिद्र से भीतर जाने दे तथा यह दूसरे छिद्र से अपने आप बाहर आने लगेगा।*
**जब आधा पानी खत्म हो जाने के बाद लोटा को नीचे रख दें तथा नाक साफ करें। दूसरे छिद्र में भी यही क्रिया दोहराएं। नाक साफ कर लें।*

**जल नेति के लाभ:-*
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**स्वसन संबंधित रोग जैसे:-* दमा, निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और यक्ष्मा को रोकने में सहायता मिलती है!
**वात रोग:-* जैसे घुटने का दर्द,जॉइंट संबंधित रोग को भी रोकने में सहायता मिलती है
**जल नेति सिरदर्द के लिए-* : अगर आप बहुत ज़्यदा सिरदर्द से परेशान हैं तो यह क्रिया अत्यंत लाभकारी है।
**जलनेति अनिद्रामें:-* अनिद्रा से ग्रस्त व्यक्ति को इसका नियमित अभ्यास करनी चाहिए।
**जलनेति सुस्ती के लिए:-* : सुस्ती में यह क्रिया अत्यंत लाभकारी होती है।
**जलनेति मेमोरी के लिए :-* आप के मेमोरी पावर यानी यादाश्त क्षमता को बढ़ाने में यह विशेषकर लाभकारी है।
**जलनेति नाक रोग के लिए :-* नाक के रोग तथा खांसी का प्रभावी उपचार होता है।
**जल नेति नेत्र:-* विकार में: नेत्र अधिक तेजस्वी हो जाते हैं, नेत्र-विकार जैसे आंखें दुखना, रतौंधी तथा नेत्र ज्योति कम होना, इन सारी परीशानियों का इलाज इसमें है।
**जल नेति कान रोग में:-* कानों के रोगों, श्रवण शक्ति कम होने और कान बहने के उपचार में यह लाभकारी है।
जलनेति आध्यात्मिक लाभ: वायु के मुक्त प्रवाह में आ रही बाधाएं दूर करने से शरीर की सभी कोशाओं पर व्यापक प्रभाव डालता है जिसके कारण मनो-आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
**जलनेति का वैज्ञानिक पक्ष:-* जलनेति में कुछ अधिक नमकीन जल का प्रयोग करने से नाक के अंदर खुजली होती है जिसके कारण झिल्ली में रक्तप्रवाह बढ़ता है तथा ग्रंथीय कोशाओं का स्राव भी बढ़ता है, जिससे ग्रंथियों के द्वार साफ होते हैं। नेति के कारण मात्र नासा-गुहा को ही लाभ नहीं होता बल्कि नेत्रों एवं विभिन्न साइनसों को भी लाभ मिलता है।

*जल नेति करने में सावधानी बरतें:-*
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*जल नेति को पहली बार करते समय आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसको करते समय क्या सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है, इस बारे में नीचे बताया जा रहा है*।

*इस क्रिया को करने के बाद आपकी नाक के अंदर की त्वचा (Dry) हो सकती है।


*जिन व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो उनको इस क्रिया को करते समय ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। अगर आपको शुष्क नाक के कारण चक्कर आने लगे तो आप एक जगह पर रूक जाएं या सीधे खड़े हो जाएं।


*इस क्रिया में आपकी नाक के अंदर पानी की एक बूंद भी नहीं रहनी चाहिए। यदि ऐसा होता है तो आपको संक्रमण होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।


*सभी तरह की योग क्रियाओं की तरह जल नेति क्रिया भी किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करनी चाहिए।

*जल नेति आपकी श्वसन प्रणाली को ठीक करती हैं। यह क्रिया आपके शरीर, मन और आत्मा में तालमेल बैठाने का काम करती है। इस क्रिया का अभ्यास नाक या सांस की समस्या होने पर ही नहीं, बल्कि आपको इसका नियमित अभ्यास करना चाहिए।

*जल नेती क्रिया करने के बाद आप अपने नाक अच्छी तरह से साफ कर ले,इसके बाद शशांक आसन और कपालभाति प्राणायाम करें नाक अच्छी तरह से सूख जाती है तब नाक में देसी गाय का घी,,सरसों का तेल,,अनु का तेल को डाल सकते हैं जिससे आपका नाक Dry नहीं होगा...*


*Note:-जब आप जल नेति का अभ्यास करते हैं तो गुरु या योग शिक्षक के देखरेख में ही करें अन्यथा आपको परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है*


✍🏻 *शिवेश कुमार सिंह*
𝕾𝖍𝖎𝖛𝖊𝖘𝖍 𝕶𝖚𝖒𝖆𝖗 𝕾𝖎𝖓𝖌𝖍

Yoga For Peace, Prosperity & Happiness..

12/05/2021

*_अपना आक्सीजन लेवल कैसे बढ़ाएं---- ✍🏻योगगुरु:-शिवेश कुमार सिंह।*

ऑक्सीजन की बढ़ती मांग के पीछे दूसरी बड़ी वजह है, पिछली बार के 88 फीसदी के मुकाबले इस बार ऑक्सीजन का लेवल 70 से 80 फीसदी नीचे चला जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि सांसों की इमरजेंसी की नौबत ही ना आए। ऑक्सीजन सिलेंडर, आईसीयू और अस्पताल के बेड की जगह योगाभ्यास से ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है। सांसों के संकट का समाधान क्या है..

योग अभ्यास:
• भुजंगासन
• सर्वांगासन
• योग मुद्रासन
• शशकासन
• मकरासन
• विश्रामासन
• गोमुखासन
• उत्तानपादासन
• ताड़ासन
• तिर्यक ताड़ासन
• हस्तासन
• सेतुबंधासन
• मंडूकासन
• उष्ट्रासन
• पवनमुक्तासन
• नौकासन
• शलभासन
• धनुरासन

उष्ट्रासन के फायदे:
• टखने का दर्द दूर होता है।
• मोटापा कम होता है।
• शरीर का पॉश्चर सुधरता है।
• डायजेशन अच्छा होता है।
• हार्ट मजबूत होता है।

भुजंगासन के फायदे:
• किडनी को स्वस्थ बनाता है।
• लिवर से जुड़ी दिक्कत दूर होती है।
• तनाव, चिंता और डिप्रेशन दूर करता है।
• रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
• फेफड़ों को मजबूत बनाता है।

प्राणायाम से फेफड़ों को बनाएं मजबूत:
1. अनुलोम विलोम
2. कपालभाति
3. भस्त्रिका
4. भ्रामरी
5. उज्जायी
6. उद्गीथ

भस्त्रिका के फायदे:
• नाक और सीने की समस्या दूर होती है।
• तनाव और चिंता दूर होती है।
• वजन घटाने के लिए बहुत कारगर है।
• दिल को स्वस्थ रखने में सहायक है।
• अस्थमा के रोग को दूर करता है।

कपालभाति के फायदे:
• बंद सांस नली खुल जाती है।
• सांस का लेना आसान हो जाता है।
• नर्व मजबूत बनते हैं।
• शरीर के ब्लड फ्लो में सुधार आता है।

उज्जायी के फायदे:
• दिमाग को शांत करता है।
• शरीर में गर्माहट आती है।
• ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है।
• दिल के रोगों में फायदेमंद है।

उद्गीथ के फायदे:
• तनाव और चिंता दूर होती है।
• वजन घटाने में मदद करता है।
• नर्वस सिस्टम को ठीक रखता है।
• मेमोरी पावर बढ़ाने में सहायक है।

त्रिफला के लाभ:
• इसमें एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं।
• एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं।
• रोज सुबह त्रिफला जूस का सेवन करें।
• इम्यून सिस्टम मजबूत करता है।

इम्युनिटी के लिए:
• गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा
• खाने के बाद 1-1 गोली लें।
• खाली पेट श्वसारि वटी 1 गोली सुबह-शाम लें।

गोल्डन मिल्क:
• दूध में हल्दी डालकर उबालें।
• रात में सोने से पहले पिएं।
• इम्युनिटी को बढ़ाता है।
• लंग्स के लिए भुना हुआ चना खाएं।...............🙏🙏🙏................

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