23/03/2021
ये है पीजी सिंह कुंठिया, सिंहभूम की निवासी। लंबे समय तक देशी शराब के सेवन से लीवर क्षतिग्रस्त होने के कारण सिरोसिस लीवर या Alcoholic liver Disease नाम के रोग से ग्रस्त हो गईं ।
इस रोग के लक्षणों में मुख्य रूप से पेट में पानी भर जाता है जिसे ऐसाईटिस के नाम से जाना जाता है, पांवों में सूजन आ जाती है, खून की कमी (एनीमिया), कमजोरी हो जाती है। रोग अधिक बढ़ने पर उल्टी के साथ या मल के साथ खून जाने लगता है।
इस रोग का संतोषप्रद ईलाज आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (ऐलोपैथी) में नहीं है। बार-बार पेट से पानी निकालने, अनेक प्रकार की दवाओं के व्यवहार और लाखों रुपये के खर्च के बावजूद अधिकांश रोगियों की मृत्यु हो जाती है।
मैंने आयुर्वेद के अध्ययन की सहायता से चिकित्सा करना आरम्भ किया था ।25 वर्षों में इस रोग के 200 से अधिक रोगियों की चिकित्सा करने का अवसर मिला है। निरंतर अथ्धयन और शोध के उत्साहवर्धक परिणाम मिले हैं।
इस रोग से ग्रसित मेरे पास आने वाले 95% रोगी झारखंड के विभिन्न स्थानिय समुदायों से हैं । इस रोग के कारण बड़ी संख्या में परिवार संकटग्रस्त होते हैं। झारखंड में कार्यरत सामाजिक संगठनों को इस समस्या की रोकथाम के लिए सघन अभियान चलाना चाहिए ।
एलोपैथी या आयुर्वेद के चिकित्सकों को मेंरे खुला निमंत्रण है वो मुझसे संपर्क कर सकते हैं ।मेरे द्वारा दी जा रही चिकित्सा का पूर्ण विवरण प्राप्त कर इस रोग की बेहतर चिकित्सा कर सकते हैं।