20/12/2025
॥ महाश्मशान जागृति: कालभैरव प्रकटीकरण एवं शत्रु संहार योग ॥
अंधकार का अंत या विनाश का प्रारंभ? चुनाव आपका है!
कल १९ दिसंबर, वर्ष की अंतिम 'पितृ-कार्या' अमावस्या की कालरात्रि में, जब संपूर्ण जगत निद्राधीन था, तब श्री कालभैरव आश्रम की धधकती चिताओं के सान्निध्य में ब्रह्मांड की सबसे भीषण शक्तियों का आह्वान किया गया।
परम पूज्य गुरुदेव श्री तारामणि जी के दिव्य निर्देशन में, श्मशान की जागृत वेदी पर 'मत्स्य, मदिरा और कलेजी' के महाभोग के साथ प्रचण्ड कालभैरव के भूत-प्रेत गणों को तृप्त किया गया। यह कोई साधारण हवन नहीं, बल्कि साक्षात् काल को वश में करने वाली 'गुप्त तांत्रोक्त विधा' थी।
क्यों कांपती है दुनिया कालभैरव के इस रूप से?
शास्त्रों के अनुसार, भैरव का श्मशानी रूप 'असितांग' और 'भीषण' है। जब तक श्मशान की काली शक्तियों को शास्त्रोक्त विधि से तृप्त नहीं किया जाता, तब तक व्यक्ति के जीवन से 'दरिद्रता का श्राप' और 'शत्रु बाधा' कभी समाप्त नहीं होती।
क्या आप जानते हैं?
* आपके धन मार्ग में रुकावट कोई संयोग नहीं, बल्कि अदृश्य तंत्र बाधा हो सकती है।
* बिना गुरु दीक्षा के की गई पूजा अक्सर विपरीत परिणाम देती है, जिससे घर में क्लेश और अकाल मृत्यु का भय बना रहता है।
कल की गुप्त साधना का उद्देश्य: शिष्य कल्याण
गुरुदेव ने अत्यंत गूढ़ मंत्रों से निम्नलिखित बाधाओं का जड़ से उन्मूलन किया:
* अनंत संपदा प्राप्ति: निर्धनता के सूक्ष्म बीजों का भस्मीकरण।
* शत्रु सर्वस्व नाश: जो शत्रु सामने या परोक्ष रूप से आपके विनाश की योजना बना रहे हैं, उनका स्तंभन।
* तंत्र बाधा मुक्ति: वर्षों पुरानी कोख बंधन या व्यापार बंधन की काट।
> "भैरव उवाच: न मे भक्तः प्रणश्यति..."
> (भैरव कहते हैं: मेरा भक्त कभी पराजित नहीं होता, यदि वह सही मार्गदर्शक के संरक्षण में हो।)
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⚠️ चेतावनी और आमंत्रण
यह शक्तियाँ जितनी कल्याणकारी हैं, अनभिज्ञ व्यक्ति के लिए उतनी ही विनाशकारी। क्या आप अभी भी अपने जीवन की समस्याओं को 'किस्मत' मानकर बैठे रहेंगे? या फिर महाकाल के सेनापति की शरण में आकर अपना भाग्य बदलेंगे?
सौभाग्यशाली थे वे शिष्य जिन्होंने कल इस गुप्त विधान में भाग लिया। यदि आप भी अपने जीवन के अंधकार को मिटाकर, तंत्र की उच्चतम गहराइयों को जानना चाहते हैं और गुरुदेव से दीक्षा प्राप्त कर साधना पथ पर अग्रसर होना चाहते हैं, तो विलंब न करें।
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🏛️ Shri Kaal Bhairav Ashram
(Locations: Sitapur | Rishikesh | Mauritius)
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