
03/08/2025
बरसात के मौसम में नवजात शिशु की देखभाल: 10 ज़रूरी बातें
* साफ़-सफाई का ध्यान रखें: बच्चे को छूने से पहले हमेशा अपने हाथ साबुन से धोएं। बच्चे के कपड़े और बिस्तर पूरी तरह सूखे और संक्रमण मुक्त होने चाहिए।
* सही कपड़े पहनाएं: बच्चे को हल्के और आरामदायक सूती कपड़े पहनाएं। नमी के कारण कपड़े जल्दी नहीं सूखते, इसलिए कुछ अतिरिक्त जोड़ी कपड़े तैयार रखें।
* डायपर की उचित देखभाल: इस मौसम में डायपर रैश का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, बच्चे का डायपर बार-बार बदलें और उस जगह को अच्छी तरह सुखाकर ही नया डायपर पहनाएं।
* स्तनपान अमृत समान: माँ का दूध बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को बढ़ाता है, जो उसे बरसाती संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है।
* मच्छरों से बचाएं: डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से बचाने के लिए बच्चे के बिस्तर पर हमेशा मच्छरदानी लगाकर रखें।
* घर को सूखा रखें: घर में सीलन और नमी न होने दें, ताकि फंगस और कीटाणु न पनपें। कमरे में ताज़ी हवा और धूप आने दें।
* त्वचा की देखभाल: बच्चे को हल्के गर्म पानी से नहलाएं और त्वचा की सिलवटों (जैसे गर्दन, बगल) को अच्छे से सुखाएं ताकि त्वचा का संक्रमण न हो।
* भीड़ से दूर रखें: बच्चे की इम्युनिटी कमज़ोर होती है, इसलिए उसे भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें और किसी भी बीमार व्यक्ति से दूर रखें।
* शरीर को गर्म रखें: बारिश के बाद मौसम ठंडा हो सकता है। बच्चे को आरामदायक रूप से गर्म रखें, लेकिन बहुत ज़्यादा कपड़े पहनाने से भी बचें।
* बीमारी के लक्षण पहचानें: अगर बच्चे को बुखार, सुस्ती, दूध पीने में कमी या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।