01/05/2026
*Digital Autism क्या है?*
*"Digital Autism"* एक नया टर्म है जो एक्सपर्ट्स अब विशेष लक्षणों वाले बच्चों के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
*1.आइए जानते है इसका मतलब क्या है?*
जब बच्चे या बड़े *बहुत ज्यादा स्क्रीन - मोबाइल, टैबलेट, TV* यूज करते हैं, तो उनमें ऑटिज्म जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। इसलिए इसे *Digital Autism* या *Virtual Autism* कहते हैं।
असली Autism जन्म से ब्रेन की एक कंडीशन है। Digital Autism केवल अधिक स्क्रीन टाइम की वजह से होता है और *स्क्रीन बंद करने पर ठीक हो सकता है*।
*2.इसमे लक्षण क्या दिखते हैं?*
अगर कोई बच्चा दिन में 4-6 घंटे+ स्क्रीन देखे तो उनमे ये लक्षण हो सकते है:
1. *Eye contact नहीं करना* - बात करते वक्त आंख में नहीं देखता।
2. *नाम पुकारने पर रिस्पॉन्स न देना* - खोया-खोया रहना ।
3. *स्पीच डिले* - 2-3 साल का बच्चा बोल नहीं पाता।
4. *सोशल नहीं होना* - दूसरे बच्चों के साथ खेलना पसंद नहीं है।
5. *Tantrums* - मोबाइल छीन लो तो बहुत गुस्सा, रोना चिल्लाना करता है।
6. *एक ही चीज रिपीट करना* - वही कार्टून, वही गेम बार-बार देखता है।
7. *कल्पना की कमी* - खुद से खेल नहीं बना पाता है।
*3. यह क्यों होता है?*
0-3 साल में बच्चे का दिमाग सबसे तेज बनता है। इस टाइम अगर वो *इंसानों से बात करने की जगह स्क्रीन* देखेगा तो:
1. *ब्रेन के सोशल वाले हिस्से* डेवलप नहीं होते है।
2. *2-way कम्युनिकेशन* नहीं सीखता - स्क्रीन सिर्फ बोलती है, सुनती नहीं है।
3. *रियल दुनिया बोरिंग लगती है* क्योंकि गेम/वीडियो बहुत फास्ट होते हैं।
*4. क्या ये ठीक हो सकता है? हां* ✅
अगर असली ऑटिज्म नहीं है तो 6-8 हफ्ते स्क्रीन बंद करने से *70% तक बच्चे नॉर्मल* हो जाते हैं। डॉक्टर इसे "reversible" बोलते हैं।
*क्या करना है:*
1. *0-2 साल*: जीरो स्क्रीन। WHO की गाइडलाइन
2. *2-5 साल*: दिन में 1 घंटा maximum , वो भी मम्मी-पापा के साथ बैठकर देखना ताकि बीच बीच मे बच्चे एक्टिव भी रहे।
3. *स्क्रीन की जगह*: बात करो, किताब पढ़ो,चित्र कहानी देखो, बाहर बच्चों के साथ खेलो, ब्लॉक से खेलो।
4. *खाना खाते वक्त, सोते वक्त* फोन बिल्कुल नहीं देना है।
*5. कब डॉक्टर को दिखाएं?*
अगर 2 साल का बच्चा:
- नाम से नहीं पलटता है।
- 10 शब्द भी नहीं बोलता है।
- उंगली से इशारा नहीं करता है।
- 3 महीने स्क्रीन बंद करने पर भी फर्क नहीं पड़ता है।
तो *चाइल्ड साइकेट्रिस्ट या डेवलपमेंट पीडियाट्रिशियन* को दिखाना जरूरी है।
*नोट*: विशेष बात यह है कि हर शर्मीला बच्चा Digital Autism का शिकार नहीं होता है। लेकिन अगर स्क्रीन टाइम बहुत ज्यादा है और ये लक्षण हैं, तो आप अलर्ट हो जाइये और तुंरत अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
Usha child and skin care clinic