Rao.asgar unani physician hakeem

Rao.asgar unani physician hakeem सामान्य रोग, पेट, गैस, ताक़त पेशाब रोग माहिर

سرفوکہ (سفوف کی صورت میں) کے استعمال پر ایک  مختصر پوسٹ یونانی شائقین کے لیے حاضر خدمت ہے ۔سرفوکہ ایک مشہور یونانی جڑی ب...
15/03/2026

سرفوکہ (سفوف کی صورت میں) کے استعمال پر ایک مختصر پوسٹ یونانی شائقین کے لیے حاضر خدمت ہے ۔
سرفوکہ ایک مشہور یونانی جڑی بوٹی ہے جو قدیم حکمت کی معتبر کتب میں مصفّی خون اور محلّل امراض اور جلد کے امراض اور فساد خون کے امراض میں استعمال ہوتی ہے ۔اس کا سفوف بنا کر استعمال کرنا نہایت مفید سمجھا جاتا ہے۔
سفوف سرفوکہ کن امراض میں مفید ہے؟
🌿 امراضِ جلد:
خارش، داد، پھنسیاں، پھوڑے اور جلدی الرجی میں خون صاف کرنے کے لئے مفید۔
🌿 فسادِ خون:
خون کی خرابی، گرمی اور جسم میں پیدا ہونے والے دانوں کو کم کرنے میں مددگار۔
🌿 امراضِ جگر:
جگر کی گرمی اور سستی میں فائدہ مند سمجھا جاتا ہے۔
🌿 نزلہ و زکام:
بلغم کی زیادتی اور موسمی نزلہ زکام میں معاون۔
🌿 جوڑوں کا درد:
خون صاف ہونے کی وجہ سے یعنی (مصفی خون )بعض اوقات جوڑوں کے درد(امراض مفاصل)اور بدن کی سستی میں بھی فائدہ دیتا ہے۔
طریقہ استعمال:
سرفوکہ کو خشک کر کے سفوف بنا لیا جائے اور تقریباً ۳ تا ۵ گرام صبح و شام پانی یا شہد کے ساتھ استعمال کیا جائے۔
⚠️ احتیاط:
زیادہ مقدار استعمال نہ کریں اور بہتر ہے کہ کسی ماہر حکیم کے مشورے سے استعمال کیا جائے۔بعض کے نزدیک اس کا استعمال پروٹیسٹ گلینڈ کے بڑھنے سے روکنے میں بھی مددگار ثابت ہوتا ہے۔

#حکمت
ا

15/03/2026

پیشاب کے امراض میں پروسٹیٹ گلینڈ کا بڑھنا — اسباب، علاج اور احتیاط مختصر تحریر کیے جاتے ہیں

مردوں میں 50 سال کے بعد ایک عام مسئلہ یعنی پروسٹیٹ گلینڈ کا بڑھ جانا ہے۔ اس میں پیشاب بار بار آنا، دھارا کمزور ہونا، رات میں کئی بار اٹھنا اور مثانہ مکمل خالی نہ ہونے کی شکایت پیدا ہو جاتی ہے

قدیمی (یونانی/جڑی بوٹی) علاج:قدیم حکمت میں تخمِ کدو، گکھرو، تخمِ خربوزہ، کاسنی اور سرفوکہ جیسی ادویہ کو مدرِ بول اور محللِ ورم سمجھا جاتا ہے۔ دنیا بھر میں ایک مشہور جڑی بوٹی سر بھوکا/ گوکھرو بھی پروسٹیٹ کے بڑھنے کے عمل کو روکنے میں مددگار مانی جاتی ہے۔

احتیاط اور پرہیز:• بہت زیادہ مرچ مصالحہ اور کیفین کم کریں• رات کو سونے سے پہلے زیادہ پانی نہ پئیں• قبض سے بچیں• روزانہ ہلکی ورزش یا واک کریں• پیشاب کو دیر تک روکنے کی عادت نہ ڈالیں

یاد رکھئے: بروقت تشخیص اور مناسب علاج سے پروسٹیٹ کے زیادہ تر مسائل کو قابو میں رکھا جا سکتا ہے۔ کسی بھی دوا کے استعمال سے پہلے ماہر ڈاکٹر یا حکیم سے مشورہ ضرور کریں۔

बादाम रोगन शीरी ،روغن بادام شیریں  आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओ में मुफ्रिद व मुरक्किब दोनों ही तरह कई जगह प्रयोग किया जाता...
14/03/2026

बादाम रोगन शीरी ،روغن بادام شیریں आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओ में मुफ्रिद व मुरक्किब दोनों ही तरह कई जगह प्रयोग किया जाता है इसके बहुत से फायदे हैं जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित है।
यह शरीर को स्वस्थ और सुंदर बनाता है चेहरे पर चमक लाता है ।
यह पाचन क्रिया में सहायक है।
आंखों की रोशनी और दिमाग को ताकत कुव्वत देता हैं।
इसको शहद दूध में मिलाकर पीने से कमजोरी ताकत दूर होती है। मर्दाना ताकत बनी रहती हैं।
इसका उपयोग बदन पर मालिश करने के लिए किया जाता है। शरीर सुंदर सुडौल और शक्ति शाली बनता है।
प्राय हर बड़ी नामचीन आयुर्वेदिक यूनानी कंपनियां इसको बनती है।
कुछ खास किस्म के देसी कुल्लू ( कोहलू) जो आपके शहर, गांव में स्थित हो सकते है वह भी आपके द्वारा उपलब्ध कराए गए बादाम से रोगन या तेल निकाल कर देने का काम करते हैं।
राव असगर

हर मौसम और मिज़ाज के लोगो के लिए सेहत और तंदुरुस्ती की जमानत यूनानी चिकित्सा पद्धति।
14/03/2026

हर मौसम और मिज़ाज के लोगो के लिए सेहत और तंदुरुस्ती की जमानत यूनानी चिकित्सा पद्धति।

वर्त और रोज़ हमारे जीवन और स्वास्थ्य को नियंत्रित करते हैं। दुनिया के रचयिता ने यह व्यवस्था करके हमें सीख दी है कि हम अप...
14/03/2026

वर्त और रोज़ हमारे जीवन और स्वास्थ्य को नियंत्रित करते हैं। दुनिया के रचयिता ने यह व्यवस्था करके हमें सीख दी है कि हम अपने स्वास्थ्य को कैसे पूरे वर्ष भर ठीक और स्वस्थ रख सकते हैं।
आधुनिक युग में रोजो, व्रतों पर वैज्ञानिक रिसर्च अनुसंधान हुए हैं। एक दो अपवादों को छोड़कर 99% कहा जाता है की रोजे रखना वोह भी पूरे 1 महीने इंसान के लिए अति उत्तम है।

उबले हुए काले चनों के फायदेउबले हुए काले चने बहुत पौष्टिक होते हैं। अगर सहरी या इफ्तार में रोटी, चावल, पकोड़े, समोसे और ...
14/03/2026

उबले हुए काले चनों के फायदे

उबले हुए काले चने बहुत पौष्टिक होते हैं। अगर सहरी या इफ्तार में रोटी, चावल, पकोड़े, समोसे और आलू से बनी चीज़ों की बजाय उबले हुए काले चने खाए जाएँ या इन्हें फल और सब्जियों के साथ चाट बनाकर खाया जाए तो शरीर को भरपूर ऊर्जा और कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
काले चने सस्ते होने के साथ-साथ पौष्टिकता का बहुत अच्छा स्रोत हैं।
1. भरपूर पोषण
प्रोटीन: काले चनों में उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन होता है जो मांसपेशियों की मरम्मत, विकास और शरीर को ताकत देने में मदद करता है। थकान को मिटाता है।
फाइबर: एक कप उबले चनों में लगभग 12–15 ग्राम फाइबर होता है, जो पाचन सुधारता है और कब्ज से बचाता है। आंतों की गर्मी खुश्की दूर करता है।
आयरन: यह खून की कमी (एनीमिया) वाले लोगों के लिए फायदेमंद है।
विटामिन और मिनरल्स: फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक और विटामिन B6 जैसे पोषक तत्व इसमें भरपूर होते हैं।
2. ब्लड शुगर कंट्रोल
काले चनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह खून में शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं। शुगर लेवल स्थिर रखना में सहयोग करता है।
फाइबर और प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, जिससे यह मधुमेह के मरीजों के लिए भी लाभकारी है।
3. दिल की सेहत
फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है।
पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक है और मैग्नीशियम दिल की धड़कन को नियमित रखता है। خفقان काफ़क़ान नियंत्रण में सहायक है
4. वजन कम करने में मदद
फाइबर और प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रहता है।
5. हड्डियों को मजबूत बनाते हैं
काले चनों में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है।
6. एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत
इनमें फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में सूजन कम करने और कई बीमारियों से बचाव में मदद करते हैं।
7. खून की सेहत
फोलेट और आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बेहतर होती है।
8. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
जिंक और विटामिन B6 त्वचा की चमक और बालों की मजबूती बढ़ाने में सहायक होते हैं।
9. पाचन तंत्र के लिए अच्छा
फाइबर आंतों के लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जिससे पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
चने कैसे पकाएँ
अक्सर चनों को जल्दी गलाने के लिए मीठा सोडा डाल दिया जाता है, जिससे उनके कुछ विटामिन और मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं।
बेहतर तरीका यह है कि चनों को 8–12 घंटे साफ पानी में भिगोकर उसी पानी में पकाया जाए।
सावधानियाँ
बहुत अधिक मात्रा में खाने से गैस या पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें सावधानी से सेवन करना चाहिए क्योंकि चनों में ऑक्सालेट्स होते हैं।
इसलिए संतुलित मात्रा में उबले हुए काले चनों को अपनी रोज़मर्रा की डाइट का हिस्सा बनाइए और सेहतमंद रहिए।
#यूनानी

🌿 भारत की यूनानी, हर्बल, आयुर्वेदिक प्रमुख जड़ी-बूटियां — प्रकृति का अमूल्य उपहार 🌿भारत की आयुर्वेद परंपरा में कई ऐसी जड...
03/03/2026

🌿 भारत की यूनानी, हर्बल, आयुर्वेदिक प्रमुख जड़ी-बूटियां — प्रकृति का अमूल्य उपहार 🌿
भारत की आयुर्वेद परंपरा में कई ऐसी जड़ी-बूटियां हैं जो शरीर को संतुलित रखने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वास्थ्य सुधारने में मदद करती हैं।
अश्वगंधा, गिलोय, तुलसी, एलोवेरा, नीम, आंवला जैसी जड़ी-बूटियां सदियों से स्वास्थ्य के लिए उपयोग की जाती रही हैं।
👉 लेकिन याद रखें
✔ हर जड़ी-बूटी हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होती
✔ ज्यादा मात्रा या गलत तरीके से लेने से नुकसान भी हो सकता है
✔ किसी बीमारी (जैसे मिर्गी आदि) में बिना डॉक्टर की सलाह कुछ भी न लें
🌱 यूनानी चिकित्सा का सही उपयोग — सही जानकारी + सही मार्गदर्शन के साथ ही लाभ देता है।

#जड़_बूटियां #यूनानी

25/02/2026

खुद की बीमारी पहचाने
خود کی بیماری پہچانے ۔۔
اپنی بیماری خود پہچانیں
بھوک نہ لگنا – ہاضمے کی کمزوری کی علامت۔
سینے میں جلن یا درد – گیس یا دل کے مسئلے کی نشانی ہو سکتی ہے۔
ہاتھ پاؤں کانپنا – شوگر کم ہونا یا اعصابی کمزوری کی علامت۔
چکر آنا – بلڈ پریشر کم ہونا، خون کی کمی یا عمومی کمزوری کی وجہ سے۔
پیروں میں سوجن – گردے یا دل کے مسئلے کی طرف اشارہ۔
رات میں زیادہ پیشاب آنا – پروسٹیٹ یا شوگر کا مسئلہ ہو سکتا ہے۔
جلد میں خارش – الرجی، جگر یا گردے کی خرابی کی علامت۔
نیند نہ آنا – ذہنی دباؤ یا ہارمونز کے عدم توازن کی وجہ سے۔
بالوں کا زیادہ گرنا – ہارمون کی خرابی یا غذائی کمی کی علامت۔
آنکھوں کے نیچے سیاہ حلقے – نیند کی کمی یا جگر کی کمزوری کی وجہ سے۔
⚠️ نوٹ: یہ صرف عمومی معلومات ہیں، حتمی تشخیص کے لیے مستند ڈاکٹر سے مشورہ ضروری ہے۔

21/02/2026

رمضان المبارک रमजान के पवित्र अवसर पर अपने देशवासियो के नाम एक पैग़ाम —
रमज़ान का पैग़ाम: रहमत सबके लिए, फ़ज़्ल सब पर
ख़ुदा का फ़ैज़ आम है। रहमत आम है। सलामती सब पर हो।
उसकी रहमत किसी एक क़ौम, किसी एक मुल्क या किसी एक ज़माने तक महदूद नहीं।
क़ुरआन में अल्लाह तआला फ़रमाता है:
“ऐ लोगो! हमने तुम्हें एक मर्द और एक औरत से पैदा किया…”
(Quran, सूरह अल-हुजुरात 49:13)
और एक और मुक़ाम पर:
“ऐ लोगो! अपने रब की इबादत करो जिसने तुम्हें और तुमसे पहले लोगों को पैदा किया…”
(Quran, सूरह अल-बक़रह 2:21)
यानी पैग़ाम किसी एक गिरोह के लिए नहीं — “या अय्युहन्नास” — ऐ इंसानों! सब के लिए।
1️⃣ किस पारा और आयत में?
यह इंसानियत की बराबरी और रहमत-ए-आम का मज़मून:
पारा 26, सूरह अल-हुजुरात, आयत 13
पारा 1, सूरह अल-बक़रह, आयत 21
इन आयतों में साफ़ ऐलान है कि रब की रहमत और पैग़ाम तमाम इंसानों के लिए है।
2️⃣ अल्लाह की रहमत — बराबर बरसती है
सूरज सब पर बराबर उगता है।
बारिश खेत देखकर नहीं बरसती कि यह किस मज़हब का है।
हवा सांस लेते वक्त पहचान नहीं पूछती।
फल, फूल, अनाज, मेवे — यह सब उसकी इनायत के तोहफ़े हैं।
आम, खजूर, अनार, गेहूं, जौ — हर मुल्क में कुछ न कुछ ऐसी नेमतें मौजूद हैं जो वहां के मौसम और लोगों के मिज़ाज के मुताबिक़ हैं।
3️⃣ इंसानी जिस्म — एक जैसी बुनियाद
तिब्ब (चाहे वह यूनानी हो, आयुर्वेद हो या आधुनिक विज्ञान) यह मानता है कि
इंसान का जिस्म बुनियादी तौर पर एक ही निज़ाम पर चलता है —
दिल सबका धड़कता है,
ख़ून सबकी रगों में दौड़ता है,
दर्द सबको होता है,
और राहत सबको सुकून देती है।
यही तो रब की हिकमत है —
जिस्मानी निज़ाम में एकरूपता, ताकि रहमत भी सबके लिए एक जैसी हो।
4️⃣ मौसम, दुख, अकल — सब में एकरूपता
सर्दी सबको लगती है।
गर्मी सबको तपाती है।
भूख सबको लगती है।
और समझने की अकल — हर इंसान को दी गई है।
रमज़ान में जब हम रोज़ा रखते हैं, तो भूख हमें याद दिलाती है कि
रहमत का दरवाज़ा सबके लिए खुला है —
मगर एहसास और शुक्र अदा करना हमारा काम है।
🌿 तिब्ब और रब का रिश्ता
रब ने पहले मर्ज़ पैदा किया,
फिर उसके इलाज के लिए ज़मीन में जड़ी-बूटियां, फल, सब्ज़ियां और मेवे उगाए।
खजूर से इफ़्तार — यह सिर्फ़ सुन्नत नहीं, बल्कि तिब्बी हिकमत भी है।
शहद — क़ुरआन में इसे शिफ़ा कहा गया।
पानी — जिंदगी की अस्ल बुनियाद।
यानी रब की रहमत सिर्फ़ रूहानी नहीं, जिस्मानी भी है।
वह दुआ भी देता है, दवा भी देता है।
वह इबादत भी सिखाता है, सेहत का निज़ाम भी देता है।
📜 आज का पैग़ाम
इस रमज़ान में
नफ़रत कम करें,
शुक्र ज़्यादा करें।
याद रखिए —
अल्लाह ने किसी एक क़ौम पर एहसान नहीं किया,
उसकी रहमत “रब्बुल आलमीन” है — सारे जहानों के लिए।
रमज़ान मुबारक।
अल्लाह हम सब पर अपनी रहमत और करम की बारिश जारी और सारी रखे अमीन। राव असगर सहारनपुर 9358385096
#यूनानी #आयुर्वेद #प्रौढअवस्था

🌿 ضعیف العمری اور اعصابی کمزوری کے لیے ایک قدیمی مجرب مرکببڑھتی عمر کے ساتھ بدن میں ضعف، اعصابی تھکن، ہاضمے کی کمزوری، ی...
21/02/2026

🌿 ضعیف العمری اور اعصابی کمزوری کے لیے ایک قدیمی مجرب مرکب

بڑھتی عمر کے ساتھ بدن میں ضعف، اعصابی تھکن، ہاضمے کی کمزوری، یادداشت میں کمی‌ نسیان اور عمومی پژمردگی،کاہلی عام مشاہدہ ہے۔ اطباءِ کرام نے صدیوں کے تجربات اور مجربات سے ایسے مرکبات ترتیب دیے جو مزاج کو معتدل کریں، قویٰ کو سہارا دیں اور جسمانی نظام کو تقویت بخشیں۔
ذیل میں ایک قدیمی مجرب مرکب درج ہے جو ضعفِ عام، کمزوریٔ اعصاب، سستیٔ ہاضمہ اور نقاہت میں معاون سمجھا جاتا ہے:
اجزاء:
بھنگرا سیاہ (پکا ہوا، خشک سالم پودا)
بیخ آملہ
بلیلہ
ہلیلہ کابلی
ہلیلہ سیاہ
برگ سنبھالو
تخم سنبھالو
مغز مالکنگنی
دارچینی
حب السمنہ (چرونجی)
بھوسی اجوائن
کالی زیری
بلادر (کلاہ دور کردہ)
ہر جزو چار تولہ
طریقۂ تیاری:
تمام ادویات کو علیحدہ علیحدہ صاف کر کے کوٹ چھان لیں۔ بعد ازاں قندِ سیاہ کہنہ بقدرِ ضرورت شامل کر کے چار ماشہ وزن کی گولیاں تیار کر لیں۔
مقدارِ استعمال:
روزانہ صبح نہار منہ ایک گولی۔
متوقع طبی فوائد (بحسبِ مزاج و حالت):
✔️ ضعفِ عام میں معاون
✔️ تقویتِ ہاضمہ
✔️ اعصابی کمزوری میں افاقہ
✔️ حافظہ اور دماغی کارکردگی میں بہتری
✔️ بدن میں عمومی طاقت اور نشاط کی بحالی
✔️ قوتِ باہ میں اضافہ (بحسبِ مزاج)
اہم ہدایت:
یہ مرکب بظاہر سادہ اجزاء پر مشتمل ہے، لیکن بعض ادویات (خصوصاً بلادر وغیرہ) خاص احتیاط کی متقاضی ہیں۔ لہٰذا کسی مستند، تجربہ کار طبیب کی نگرانی کے بغیر خود تیاری یا استعمال سے گریز کریں۔ ہر شخص کا مزاج، عمر اور مرض مختلف ہوتا ہے؛ مناسب تشخیص اور مزاج شناسی کے بعد ہی دوا مفید ثابت ہوتی ہے۔
📚 طبِ قدیم کا اصول ہے:
"دوا وہی مؤثر ہے جو مزاج کے مطابق ہو۔"
اللہ تعالیٰ شفاء دینے والا ہے — ھوالشافی۔
اگر آپ چاہیں تو میں اسی پوسٹ کا ایک قدرے مختصر اور ایک قدرے علمی حوالہ جات والا ورژن بھی تیار کر دوں، تاکہ آپ کے پیج کے معیار اور وقار میں مزید اضافہ

رمضان وہ وقت ہے جب انسان اپنے اندر کے بہتر انسان کو تلاش کرتا ہے۔ #जड़_बूटियां  #यूनानी
20/02/2026

رمضان وہ وقت ہے جب انسان اپنے اندر کے بہتر انسان کو تلاش کرتا ہے۔

#जड़_बूटियां
#यूनानी

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