24/10/2025
शराब कम करवाई जा सकती है लेकिन अगर हम यह सोचे व्यक्ति साल में चार-पांच बार भी ना पिए तो ऐसा संभव नहीं है ।
लेकिन अगर हम शराब कम करवा देते हैं तो यह भी परिवार के लिए और व्यक्ति के लिए लाभदायक ही होगा ।
जो लोग शराब लेते हैं हम उन्हें दो तरह से विभाजित कर सकते हैं
एक तरह के वह लोग जिन्हें कोई बीमारी नहीं होती और वह सिर्फ शौक के लिए पीते हैं और कभी-कभी यानी हफ्ते में एक या दो बार पीते हैं जो लोग कभी-कभी पीते हैं उनके लिए कोई इलाज संभव नहीं है क्योंकि यह कोई बीमारी ही नहीं है यह एक शौक है ।
दूसरी तरह के वह लोग होते हैं जिनको शराब चालू करने से पहले एक दो बीमारियां होती हैं शराब चालू करते ही चार-पांच बीमारियां और बढ़ जाती हैं ।
अगर हम यह सोचते हैं कि केवल एक दवाई से व्यक्ति ठीक हो जाएगा तो यह हमारी गलतफहमी है ।
शराब कम करवाने के लिए बहुत मेहनत करनी होती है
और हमें यह बात ध्यान रखना है हमारा लक्ष्य शराब काम करवाना होना चाहिए शराब छुड़वाना नहीं ।
शराब काम करवाने के लिए 11 प्रमुख बातें हमेशा ध्यान रखना चाहिए
1 शराब छुड़वाने के लिए जो गोली आती है उसका नाम होता है disulfiram जो कि डॉक्टर के परामर्श लेने के बाद ही देनी चाहिए
यह गोली 250 mg में आती है और इसको देने की शुरुआत 1 दिन में 1/8 शुरू से करना चाहिए
और कभी-कभी 1/4 और 1/ 2 देनी चाहिए
पूरी गली कभी नहीं देना चाहिए पूरी गली देने से अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ सकती है ।
2. एकदम से शराब कभी छोड़ने की कोशिश भी नहीं करना चाहिए और ना ही छुड़वाने की कोशिश करना चाहिए
एकदम से शराब छुड़वाने का मतलब होता है गाड़ी 5th गियर में चल रही हो और डायरेक्ट रिवर्स केयर डालने की कोशिश की जा रही हो ।
एकदम से शराब छुड़वाने से व्यक्ति की जान जा सकती है
इसको विड्रोल सिंपटम कहते हैं
विड्रॉल सिंपटम के टाइम बीपी बढ़ जाता है और हार्ट अटैक भी आ सकता है
विड्रॉल सिंपटम के समय आत्महत्या के विचार और आत्महत्या की प्लानिंग बहुत तीव्र गति से आने लगते हैं और हर साल हजारों लोग इसी तरह आत्महत्या कर लेते हैं ।
3 शराब की लत का सबसे बड़ा कारण डिप्रेशन बीमारी होता है
अधिकतर लोग डिप्रेशन बीमारी को दुख और उदासी से जोड़कर देखते हैं
लेकिन डिप्रेशन एक बीमारी होती है जिसमें दुख और उदासी हो भी सकता है और नहीं भी हो सकता
मतलब दुख नहीं है तो भी व्यक्ति को डिप्रेशन बीमारी संभव है , भारत के प्रसिद्ध हास्य कलाकार का डिप्रेशन बीमारी का इलाज चला है यह एक उदाहरण है
डिप्रेशन बीमारी व्यक्ति के शराब चालू करने से पहले से होती है जो की शराब चालू करने के बाद बढ़ जाती है
और शराब छोड़ते वक्त दो-तीन महीने के लिए और भी बढ़ जाती है ।
डिप्रेशन बीमारी के लिए महंगे साइकैटरिस्ट के पास जाने की जरूरत नहीं होती है
सरकारी अस्पताल में इसकी दवाइयां पूरी तरह से फ्री मिलती हैं और वहीं पर डॉक्टर भी मिलते हैं ।
4. शराब चालू करने के पहले व्यक्ति को कैल्शियम प्रोटीन और विटामिन बी3 की भी कमी होती है जो कि शराब चालू करते ही और भी बढ़ जाती है क्योंकि व्यक्ति खाने पर ध्यान नहीं देता है
शराब काम करवाने के पहले डाइट पर बहुत-बहुत ध्यान देने की जरूरत होती है
उबले हुए आलू और दही में विटामिन बी3 की मात्रा 2 किलो फल और 2 किलो सब्जी के बराबर होती है
विटामिन b3 टेबलेट के रूप में लेना सफल नहीं हो पता है ।
5 . शराब की लत के कारण व्यक्ति को hallucination यानी कुछ मानसिक बीमारियां शुरू हो जाती हैं इसका इलाज भी सरकारी अस्पताल में फ्री होता है ।
6 शराब कम करवाने के लिए परिवार को ट्रेनिंग देने की जरूरत होती है उन्हें यह समझाना होता है की शराब की लत वाला व्यक्ति बीमार है और जैसे हर व्यक्ति को इलाज की जरूरत होती है वैसे उनका भी है
और परिवार वालों को दूसरी बात यह ध्यान रखना होता है कि व्यक्ति शराब कम कर सकता है छोड़ कभी नहीं सकता
यानी साल में 10 15 बार तो वह पिएगा लेकिन अगर वह शराब कम कर दे तो यह भी अच्छी बात है ।