प्रेम की संस्कारशाला

प्रेम की संस्कारशाला Yoga meditation spiritual health treatment

26/12/2025

मैं बहुत ज़्यादा लोगों के संपर्क से बचता हूँ। ये कोई घमंड नहीं है, न ही किसी से नाराज़गी। बस ये मेरी सहज प्रवृत्ति है। मुझे भीड़ में रहकर खुद को खो देना कभी अच्छा नहीं लगा। जितने लोग उतनी बातें, उतने दिखावे, उतनी अपेक्षाएँ और इन्हीं के बीच अक्सर मैं खुद से दूर होता चला जाता हूँ। इसलिए मैंने धीरे-धीरे दूरी चुन ली, शोर से नहीं बल्कि उस अनावश्यक उलझन से जो भीतर की शांति छीन लेती है।

मुझे अकेले रहना पसंद है, क्योंकि अकेलेपन में मैं अपने सबसे करीब होता हूँ। वहाँ मुझे किसी भूमिका में ढलना नहीं पड़ता, किसी को प्रभावित करने की ज़रूरत नहीं होती। मैं जैसा हूँ, वैसा रह सकता हूँ। अपने विचारों के साथ बैठना, अपनी थकान को सुनना, अपनी चुप्पी को महसूस करना ये सब मुझे ज़िंदा होने का एहसास देता है। अकेलापन मेरे लिए खालीपन नहीं, बल्कि आत्म-संवाद है।

मैं काम से काम रखता हूँ, क्योंकि मैंने देखा है कि ज़रूरत से ज़्यादा संबंध अक्सर बोझ बन जाते हैं। हर किसी की ज़िंदगी में झाँकना या अपनी ज़िंदगी सबके सामने खोल देना मुझे कभी रास नहीं आया। सीमित दायरा, सीमित बातचीत और साफ़ रिश्ते यही मुझे सुकून देते हैं। मुझे हर किसी का दोस्त बनने का शौक नहीं है, न ही हर मुस्कान के पीछे अपनापन ढूँढने की आदत। कई बार लोग इसे मेरा घमंड समझ लेते हैं, कुछ लोग अजीब कह देते हैं, तो कुछ को लगता है मैं टूट चुका हूँ। लेकिन सच्चाई ये है कि मैं खुद को संभालना सीख गया हूँ। बहुत लोगों के बीच रहकर भी अकेला महसूस करना मैंने देखा है, और खुद के साथ रहकर पूर्ण होना भी। मैंने दूसरा रास्ता चुना है।

मेरी चुप्पी में उदासी नहीं है, बस चयन है। मेरी दूरी में नफ़रत नहीं है, बस आत्म-रक्षा है। मैं कम बोलने लगा हूँ, मुझे रिश्तों की भीड़ नहीं चाहिए, मुझे उन गिने-चुने पलों की ज़रूरत है जहाँ सांस लेना भारी न लगे। शायद मैं सबकी तरह नहीं हूँ, और होने की कोशिश भी नहीं करता। मुझे अपने छोटे से दायरे में रहना अच्छा लगता है।

05/12/2025

मैंने दुनिया को छोड़कर एकांत का दामन थामा, क्योंकि मैं उन अनगिनत लोगों की ख़ुशामद करते-करते थक गया, जो विनम्रता को कमज़ोरी, दया को कायरता, और अहंकार को शक्ति समझते हैं।

~ खलील जिब्रान

05/12/2025

ऋषिकेश की पावन धरती और माँ गंगा की दिव्य धारा का आशीर्वाद इतना अलौकिक है कि उसकी महिमा की कल्पना भी नहीं की जा सकती। योग-साधना और आध्यात्मिक अभ्यास करने वाले सभी साधकों के लिए यह भूमि पवित्र ऊर्जा, शांति और प्रेरणा से परिपूर्ण है।
माँ गंगा की कृपा आपकी आस्था को दृढ़ बनाए, आपके आध्यात्मिक मार्ग को प्रकाशमय करे और आपके जीवन को और अधिक सुंदर, सशक्त और मंगलमय बनाए।
आप सभी के लिए हृदय से अनगिनत शुभकामनाएँ और प्रार्थनाएँ।

मैं बदला नहीं लेना चाहता नहीं प्रयास करता हूं…क्योंकि प्रतिशोध मेरे स्वभाव का आभूषण नहीं। मैं एक सरल, सहज, निर्विकार- हू...
01/12/2025

मैं बदला नहीं लेना चाहता नहीं प्रयास करता हूं…क्योंकि प्रतिशोध मेरे स्वभाव का आभूषण नहीं। मैं एक सरल, सहज, निर्विकार- हूँ जो क्रोध को अग्नि बनाकर नहीं,खामोशी को शस्त्र बनाकर जितना पसंद करता

लोग मेरी चुप्पी को अक्सर मेरी कमजोरी समझ बैठते हैं,।जब मेरे भीतर का विश्वास टूटता है,मैं शोर नहीं करता हूं,विवाद नहीं करत बस धीरे से, नीरवता में,अपने मन का अंतिम द्वार बंद कर देत हूँ।
क्योंकि मेरे शांत हो जाने का अर्थ सिर्फ़ थकान नहीं,
बल्कि गहरे अंत का उद्घोष (ऐलान) है।

यह वह नाज़ुक क्षण होता है जब मेरा स्नेह,मेरी सहनशीलता और मेरा विश्वास एक मौन विराम में स्थिर हो जाता है। मेरी शांति…मेरी पराजय नहीं,मेरी मुक्ति होती है और जिस दिन मैं सचमुच शांत हो जाऊँ समझ लेना,रिश्ता अपने अंतिम पृष्ठ पर पहुँच चुका है और मैंने उसे बिना आहट अंतिम पूर्ण विराम दे दिया है।

01/12/2025

वर–वधू को पावन आशीर्वाद मंगलकामना

🌸मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥🌸

🌸“ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणि नमोऽस्तुते॥”🌸

“🌸ॐ दम्पत्योः श्रीयं लभेताम्, आयुरारोग्यवर्धनम्।
सौख्यं सौभाग्यमारोग्यं, चिरंजीवित्वमेव च॥”🌸

🌸 नव दंपति पर वृंदावन बिहारी लाल जी की कृपा राधा रानी की कृपा सदैव बनी रहे जय श्री राधे

01/12/2025

🌸आज इजिप्ट देश में आयोजित पावन विवाह समारोह में निरंजन पीठाधीश्वर, श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ,
परमपूज्य आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 डॉ स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज अपने दिव्य कृपा-प्रभाव से पधारे और वर–वधू को मंगल आशीर्वचन प्रदान किए।🌸

🌸पूज्य गुरुजी अपने अत्यंत प्रिय शिष्य श्री नरेश जी के पुत्र के विवाह अवसर पर विशेष रूप से इजिप्ट पधारे, और अपनी करुणा–कृपा से संपूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया।🌸

🌸पूज्य गुरुजी ने वर–वधू को पावन आशीर्वाद देते हुए मंगलकामना की—

🌸मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥🌸

तथा सुप्रसन्न होकर आशीर्वाद स्वरूप दिव्य मंत्रोच्चार किया-

🌸“ॐ सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणि नमोऽस्तुते॥”🌸

🌸पूज्य गुरुजी ने विवाह संस्कार की दिव्यता पर प्रकाश डालते हुए नवविवाहित दंपत्ति के लिए यह आशीर्वचन भी प्रदान किया—🌸

“🌸ॐ दम्पत्योः श्रीयं लभेताम्, आयुरारोग्यवर्धनम्।
सौख्यं सौभाग्यमारोग्यं, चिरंजीवित्वमेव च॥”🌸

🌸इस पावन अवसर पर दुबई सहित विश्व के विभिन्न देशों से पधारे श्रद्धालु गुरुजी के दर्शन कर स्वयं को धन्य करते रहे।
पूरे समारोह में गुरुजी की दिव्य उपस्थिति से भक्ति, शांति और सौहार्द का सुंदर संगम स्थापित हुआ।🌸

17/11/2025

एक बेहद लंबी और गंभीर बीमारी के बीचों बीच 2018 में। हालांकि कुछ बीमारियां ख़त्म तो हो जाती हैं पर अपनी खुरचन छोड़ जाती हैं। आप उस खुरचन का स्वाद आए-बघाए चखते रहते हैं।
फिर उसकी आदत हो जाती है।
पर आप उससे जूझते भी हैं और हर बार उससे लड़ कर उबरने के विरले ढंग भी ढूंढते रहते हैं और जीते रहते हैं।
बस जीने का जज़्बा विराट होना चाहिए!
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अकेले जीनी है ज़िन्दगी ये अब मैंने जान ली है तन्हाइयों से लड़ने की अब मैंने भी ठान ली है। 💪🏼💫🌟 चलता रहेगा हंसना सीखो
06/11/2025

अकेले जीनी है ज़िन्दगी ये अब मैंने जान ली है
तन्हाइयों से लड़ने की अब मैंने भी ठान ली है। 💪🏼💫🌟 चलता रहेगा हंसना सीखो

07/09/2025
29/08/2025

मोहब्बत करने वालों में ये झगडा डाल देती है,
सियासत दोस्ती की जड में मट्ठा दाल देती है.!!

तवायफ की तरह अपनी गलतकारी के चेहरे पर,
हुकूमत मंदिर और मस्जिद का पर्दा डाल देती है.!!

हुकूमत मुंहभराई के हुनर से खूब वाकिफ है,
ये हर कुत्ते के आगे शाही टुकडा डाल देती है.!!

कहां की हिजरतें कैसा सफर कैसा जुदा होना,
किसी की चाह पैरों पर दुपट्टा डाल देती है.!!

ये चिडिया भी मेरी बेटी से कितनी मिलती जुलती है,
कहीं भी शाखे गुल देखे तो झूला डाल देती है.!!

भटकती है हवस दिन रात सोने की दुकानों में,
गरीबी कान छिदवाती है तिनका डाल देती है.!!

~मुनव्वर राना साहब ✍️✍️

08/12/2024

भागवत कथा के पवित्र शिक्षाओं के माध्यम से, हमें धर्म, भक्ति और सार्वभौमिक शांति के शाश्वत मूल्यों की याद आती है। यह घटना अनगिनत आत्माओं को प्रेरित कर सकता है और दूर-दूर तक दिव्य ऊर्जा का प्रसार कर सकता है। 🌸✨

27/11/2024

सब की जरुरत में नंगे पाँव दौड़े हम...
जब हमारी बारी आई तो सब मजबूरियों का ,
बहाना बना कर निकल लिए।।.....

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