26/11/2025
बिहार के 6 जिलों में breast milk की जाँच में 100% सैम्पल में युरेनियम पाया गया।
जाँच अक्टूबर 2021 से जुलाई 2024 के बीच 40 महिलाओं के दूध के नमूनों पर की गई।
युरेनियम की मात्रा 0.7 से 5.25 µg/L तक पाई गई, जो सुरक्षित सीमा तय न होने के बावजूद चिंताजनक है।
खगड़िया में सबसे अधिक, नालंदा में सबसे कम औसत स्तर मिला; सबसे एकल ऊँचा स्तर कटिहार में पाया गया।
संभव कारण जमीन का दूषित पानी (groundwater) माना जा रहा है, लेकिन सटीक स्रोत स्पष्ट नहीं।
लगभग 70% शिशु ऐसे स्तरों के संपर्क में आ रहे हैं जिनसे स्वास्थ्य पर ख़तरा हो सकता है।
शिशुओं में जोखिम ज़्यादा क्योंकि:
भारी धातुएँ जल्दी अवशोषित होती हैं
अविकसित अंगों को नुकसान
कम वजन से अधिक प्रभाव
यूरिनेशन से युरेनियम बाहर निकालने की क्षमता कम
संभावित स्वास्थ्य प्रभाव:
किडनी डैमेज (नेफ्रोटॉक्सिसिटी)
न्यूरोलॉजिकल समस्याएँ
कॉग्निटिव देरी, व्यवहार समस्या
लो IQ
लांग-टर्म कैंसर रिस्क
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह गंभीर पब्लिक-हेल्थ इमरजेंसी है और ग्राउंडवॉटर क्वालिटी की मॉनिटरिंग व जल्द हस्तक्षेप जरूरी है।