Dr. DC JakHar

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B.H.M.S. CCCH
(Homeopathic Physician)
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अभिनेता से नेता बने विजय ने,पलक झपकते ही राजनीति में कदम रखा,और सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए… ❤️🔥 #राजयोग     ...
04/05/2026

अभिनेता से नेता बने विजय ने,
पलक झपकते ही राजनीति में कदम रखा,
और सीधे मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच गए… ❤️🔥
#राजयोग

Real healing begins when care goes deeper.This World Homeopathy Day 🌿, celebrate a path that listens, understands, and h...
10/04/2026

Real healing begins when care goes deeper.
This World Homeopathy Day 🌿, celebrate a path that listens, understands, and heals from within.🧘‍♀️🌼
Because your health deserves more than quick fixes.💚

07/04/2026

🌍 World Health Day 💚

Good health is the foundation of a happy life.
Take care of your body—it’s the only place you have to live.



सावधान सीकर! 'फर्जी IITian' की ठगी वाली पाठशाला का पर्दाफाश: करोड़ों डकार कर संचालक फरारशिक्षा की नगरी में पढ़ाई के नाम ...
14/02/2026

सावधान सीकर! 'फर्जी IITian' की ठगी वाली पाठशाला का पर्दाफाश: करोड़ों डकार कर संचालक फरार

शिक्षा की नगरी में पढ़ाई के नाम पर एक ऐसा खेल खेला गया, जिसने न केवल सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटका दिया, बल्कि निवेशकों के करोड़ों रुपये भी डकार लिए। डीएस इंस्टीट्यूट के संचालक आशुतोष कुमार ने 'भरोसे' को हथियार बनाकर ठगी का जो जाल बुना, उसकी परतें अब पुलिस जांच में खुलने लगी हैं।

आरोपी ने खुद को IIT कानपुर का पासआउट और 18 साल का अनुभवी शिक्षक बताकर अपनी धाक जमाई। इसी 'ब्रैंड' के नाम पर मासूम छात्रों को नीट (NEET) और JEE जैसे कोर्सेज में प्रवेश दिलाया गया। अभिभावकों ने अपनी गाढ़ी कमाई इस उम्मीद में सौंपी कि उनका बच्चा एक आईआईटीयन से पढ़ रहा है, जबकि हकीकत में वह संचालक खुद एक 'फर्जी' दावेदार निकला।

ठगी का दायरा सिर्फ फीस तक सीमित नहीं था। गंगापुर सिटी के उमेश कुमार शर्मा जैसे निवेशकों को संस्थान में बड़ी हिस्सेदारी का झांसा देकर 4.17 करोड़ रुपये हड़प लिए गए। आरोपी ने चालाकी से संस्थान का पूरा वित्तीय नियंत्रण अपने पास रखा और जब हिसाब देने की बारी आई, तो सारा पैसा अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया।

बीते 10 अक्टूबर 2025 को आशुतोष कुमार बिना किसी सूचना के कोचिंग पर ताला जड़कर फरार हो गया। फर्जी दस्तावेजों के दम पर लीज एग्रीमेंट तैयार करने वाले इस शातिर शख्स की अब पुलिस तलाश कर रही है। उद्योग नगर थाना सहित अन्य थानों में मामले दर्ज हो चुके हैं,

लेकिन सवाल वही है शिक्षा के नाम पर चल रहे इन 'सफेदपोश' ठगों पर लगाम कब लगेगी?

उपर्युक्त आरोप विभिन्न मीडिया हाउस की तरफ से लगे जिनकी प्रतियां नीचे संलग्न है.

चिकित्सा अधिकारियों द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्रों की अवधि। कई बार अध्यापक बिना सोचे समझे अवकाश लेते है !
28/01/2026

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11/01/2026

मुझे जानते हो डॉक्टर?
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रोगी और उसके परिजन उपचार के दौरान कई गलतियां करते हैं, जो उन्हें पता नहीं होती। एक आम गलती में देखता हूं जो वे करते हैं लेकिन, वे दुर्भाग्य से उसे गलती नहीं अच्छी बात मानते हैं। वह गलती है- डॉक्टर को या अस्पताल को बहुत सारे बड़े व्यक्तियों से फोन लगवाना और बताना कि यह मरीज खास है, इसका खास ख्याल रखा ही जाना चाहिए।

हकीकत में होता यह है कि जब किसी बड़े व्यक्ति का दबाव आता है, तो डॉक्टर की एप्रोच डिफेंसिव हो जाती है। ऐसे में वह रोगी से पहले अपनी स्वयं की और अपने अस्पताल की सुरक्षा को ध्यान में रखने लगता है। वह सोचता है कि अगर सब कुछ करते हुए भी यह रोगी ठीक नहीं हुआ या इसकी समस्या और बढ़ गई तो मुझ पर मुसीबत आ जाएगी। इस डर की अवस्था में वह रोगी का इलाज ठीक से नहीं कर पाता। वह उसे किसी और बड़े सेंटर पर रेफर करने के बहाने ढूंढने लगता है, वह परिजनों से कहता है कि, "मुझे लगता है इन्हें किसी बड़े विशेषज्ञ की आवश्यकता है" या वह कहता है कि, "हमें इन्हें बड़े शहर में या बड़े अस्पताल में में भर्ती करवाना चाहिए।" ऐसा करके वह अपने आप को सेफ कर लेता है। चूंकि डॉक्टर मनुष्य ही है इसलिए वह भी अपनी सुरक्षा को तरजीह देता है।

कुछ वर्षों पहले मुझसे अपने कमर दर्द का इलाज करवाने एक बड़े विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री आए थे। वह इलाज के दौरान जब भी क्लीनिक पर आते तो अपने बेटे की कार से आते और एकदम सिम्पल ड्रेस में आते। जब ठीक हो गए तो फिर आखरी विजिट के समय वे अपनी कार से आए थे और उनके पहनावे को देखकर लग भी रहा था कि वे कोई बड़े अफसर हैं। मैंने उनसे पूछा कि सर आपने मुझे शुरुआत में यह क्यों नहीं बताया कि आप स्टेट के एक बहुत बड़े अधिकारी हैं? उन्होंने कहा कि, "डॉक्टर साहब शुरुआत में डॉक्टरों को यह बता देना कि हम कोई अधिकारी हैं, इससे वे खुलकर अपना इलाज नहीं कर पाते। वे एक अफसर का इलाज करने में जुट जाते हैं रोगी का नहीं। वे डिफेंसिव हो जाते हैं। इस चक्कर में हमारा सही इलाज नहीं हो पाता। इसलिए मैं और मेरा परिवार अपने चिकित्सकों को शुरुआत में नहीं बताते कि हम क्या हैं। हम एक अच्छा चिकित्सक चुनते हैं, उस पर भरोसा करके इलाज करवाते हैं, जब वे हमारा व्यवहार जान जाते हैं कि हम भी एक आम इंसान ही हैं कोई सज़ा का डंडा लिए घूमने वाले राक्षस नहीं, तो फिर हम उनके एक पारिवारिक मित्र की तरह हो जाते हैं और हमारा इलाज सही तरह से हो पाता है।"

रोगियों को अगर किसी से चिकित्सक की बात करवाना ही हो तो उसे बात करवाना चाहिए किसी अन्य परिचित चिकित्सक से या चिकित्सक के किसी मित्र से जो उसे रोगी और रोगी के परिवार की यथास्थिति बता सके। ऐसे कॉल्स रोगी के लिए फायदेमंद होते हैं, क्योंकि चिकित्सक ऐसे रोगियों से भावनात्मक रूप से जुड़ जाता है। वह रोगी के परिजनों को यथास्थिति बताता रहता है। यदि उस रोगी का उपचार उसी चिकित्सक के पास संभव होता है, तो वह स्वयं ही करता है अगर उसे लगता है कि नहीं, इसे वाकई किसी बड़े सेंटर की या किसी बड़े विशेषज्ञ की आवश्यकता है, तो वह उसे उसके पास भेज देता है। चिकित्सक में भय पैदा करने वाली नहीं उससे जुड़ाव पैदा करने वाली पहचान बताएं।

~डॉ अबरार मुल्तानी
लेखक: बीमारियां हारेंगी

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05/01/2026

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03/01/2026

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✨ Happy New Year 2026!May this new year bring you good health, peace, and happiness.
01/01/2026

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अब विटामिन की भी गोली निकली नकली...! कुछ दिन पहले खांसी की दवा से बच्चों की मौत हुई थी अब विटामिन की दवा भी नकली....!
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सुबह खाली पेट गैस की दवा खाने से बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा! Dainik Bhaskar | 20 अक्टूबर 2025, जयपुरक्या आप रोज...
22/10/2025

सुबह खाली पेट गैस की दवा खाने से बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का ख़तरा!
Dainik Bhaskar | 20 अक्टूबर 2025, जयपुर

क्या आप रोज़ाना सुबह खाली पेट गैस या एसिडिटी की दवा लेते हैं?
सावधान रहें — हाल के शोध बताते हैं कि ऐसा करने से ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियाँ कमजोर होना) का ख़तरा 40% तक बढ़ जाता है!

लंबे समय तक Antacid या PPI दवाएँ (जैसे ओमेप्राज़ोल आदि) लेने से शरीर में कैल्शियम और विटामिन D का अवशोषण कम हो जाता है, जिससे हड्डियाँ धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं।
विशेष रूप से महिलाओं और वृद्ध व्यक्तियों में इसका असर ज़्यादा देखा गया है।

💡 सुरक्षित उपाय:

डॉक्टर की सलाह के बिना लंबे समय तक गैस की दवा न लें।

भोजन में कैल्शियम, विटामिन D, और प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शामिल करें।

नियमित धूप लें और हल्का व्यायाम करें।

हड्डियों का स्वास्थ्य बनाए रखना जीवनभर की ज़िम्मेदारी है।
अगर आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति लंबे समय से गैस की दवा ले रहा है, तो आज ही अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

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Lic Office Old Luharu Bus Stand Kalyan Circle Sikar
Sikar
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