26/02/2026
एकाग्रता बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय
– नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली
आज का युग गति और प्रतिस्पर्धा का युग है। चारों ओर मोबाइल, सोशल मीडिया, भागदौड़ भरी दिनचर्या और मानसिक दबाव ने मन को चंचल बना दिया है। परिणामस्वरूप किसी एक कार्य पर लंबे समय तक ध्यान केंद्रित करना कठिन होता जा रहा है। एकाग्रता की कमी से न केवल पढ़ाई और कार्य प्रभावित होते हैं, बल्कि व्यक्ति की कार्यक्षमता और आत्मविश्वास भी कम होने लगता है। आयुर्वेद में मन, मस्तिष्क और शरीर को संतुलित रखकर एकाग्रता बढ़ाने के सरल और प्रभावी उपाय बताए गए हैं।
1. संतुलित और सात्विक आहार
आयुर्वेद के अनुसार आहार का सीधा प्रभाव मन पर पड़ता है। बादाम, अखरोट, घी, दूध, हरी सब्जियां और ताजे फल मस्तिष्क को पोषण देते हैं। विशेष रूप से भीगे हुए बादाम और गाय का घी स्मरण शक्ति और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माने गए हैं।
2. ब्राह्मी और शंखपुष्पी का सेवन
ब्राह्मी और शंखपुष्पी आयुर्वेद की प्रसिद्ध मेध्य रसायन औषधियां हैं। ये मस्तिष्क को शक्ति प्रदान करती हैं, मानसिक तनाव कम करती हैं और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ाती हैं। नियमित और चिकित्सकीय परामर्श से इनका सेवन लाभकारी होता है।
3. पर्याप्त और नियमित नींद
अच्छी नींद मस्तिष्क के लिए प्राकृतिक औषधि है। आयुर्वेद में रात्रि में समय पर सोने और प्रातः जल्दी उठने की सलाह दी गई है। इससे मन शांत रहता है और एकाग्रता में सुधार होता है।
4. योग और प्राणायाम
योग और प्राणायाम मन को स्थिर करने का सबसे सरल उपाय हैं। विशेष रूप से अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है।
5. नियमित दिनचर्या और डिजिटल संतुलन
अनियमित जीवनशैली और अत्यधिक मोबाइल उपयोग एकाग्रता के सबसे बड़े शत्रु हैं। आयुर्वेद नियमित दिनचर्या अपनाने और इंद्रियों पर संयम रखने की सलाह देता है।
आयुर्वेद का मूल सिद्धांत है कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन निवास करता है। यदि हम संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और आयुर्वेदिक उपायों को अपने जीवन में अपनाएं, तो एकाग्रता में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है और जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
नवकार आयुर्वेदा, सिंगोली पर एकाग्रता, स्मरण शक्ति एवं स्वास्थ्य से संबंधित सभी प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध हैं।
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