23/10/2022
किडनी के रोग के लिए कमाल की जानकारी जो अब तक किसी ने नही बताई होगी , ध्यान से पढ़े और समझे , विशेष तौर पर जिनका रोग अभी शुरू हुआ है , और मूत्र / यूरिन /पेशाब अभी ठीक ( १ लिटर्स से ज़्यादा होता है ), या पिछले कुछ दिनों से ही कम हुआ है :-
(१) अगर मै यह कह की इस रोग को अब तक ठीक नहीं समझ गया तो कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए , अंग्रेजी सिस्टम मानव शरीर को एक मशीन की तरह मानता है , और प्रतेयक अंग को एक पुर्जा , इसलिए जो जो आप समस्याए बताते जायेगे वो वो दवाई वो लिखते जायेंगे उस अंग के हिसाब से, लेकिन आयुर्वेद और होमियोपैथी , नेचुरोपैथी इस शरीर को एक अंग मानते है , यह शरीर कमाल की बुद्धि लिए हुए है और बहुत अधिक सक्षम है अपने आप को आप ठीक करने के लिए , परन्तु इस शरीर का स्वामी हमारा मन / माइंड है , जो ये मान लेता है की ये रोग ठीक नहीं हो सकता , इसलिए शरीर द्वारा किये प्रयाश हम समझ नहीं पाते। हमारे मन को ऊर्जा हमारी आत्मा से मिलती है , और हमारी चेतना कैसी बने इसके लिए पूरी तरह हमारा अपना मन ही जिम्मेदार है , शरीर में फैली चेतना , हमारी आत्मा की ही दी हुई है , जो अनंत है , असीमित है , कोई भी रोग उसके लिए कुछ भी नहीं और ठीक हो सकता है , सिर्फ उस कारण को हटना होगा जिससे रोग बना है।
(२) सबसे कमाल की बात जाने की कैसे किडनी रोग तेजी से बढ़ता है , जब आप को शुरुआत हुई , रोग के लक्षण बहार आये तब तक किडनी करीब करीब आधे से ज्यादा काम ठीक से नहीं कर रही होती , बी पी बहुत बढ़ चूका होता है , आप डॉक्टर के पास जाते है , वह आपको पानी कम पीने के लिए बोलता है , शरीर बहुत ही बुद्धिमान है , पानी कम मिलाने पर वह सोडियम के मदद से पानी को शरीर में इकठा करना शुरू करता है , इस से पैरो में सूजन आ जाती है , आप डॉक्टर के पास
फिर जाते है , वह कहता है , पानी अधिक पी रहो हो , और कम करो , शरीर में पानी की कमी अब नए रोग पैदा करती है - कब्ज़ , और अधिक बी पी का बढ़ना , पैरो में दर्द , दिमाग का सुस्त हो जाना , और फिर पानी के कमी और अधिक हो जाती है , शरीर मूत्र / यूरिन /पेशाब नहीं छोड़ता , हमें लगता है की रोग और बढ़ गया , फिर और पानी काम , अब ये कुचक्र ऐसा चलता है की किडनी को पूरी तरह ख़तम करके ही रुकता है। साथ में शुरू की गयी नई नई दवाई समस्याओ को और बढ़ा देती है। आप दिन की शुरआत एंटी एसिड गोली से , बी पी की गोली और डाइयूरेटिक्स / diuretics गोली शरू कर देते हो , जो शरीर को मजबूर करती है पानी को छोड़ने के लिए , जिससे रोग तेजी से और बढ़ जाता है। इसलिए अगर मूत्र ठीक हो रहा है तो पानी पीना कम न करे।
(३) आधुनिक साइंस के अब मान चूका है की करीब करीब हर बीमारी का कारण शरीर का एसिडिक / अम्लीय होना है , जो ऑक्सीजन की कमी और गलत खान -पान का नतीजा है , अब डॉक्टर अगर ये कह की आप को वापिस भेज दे की खान पान सुधर लो , दोनों टाइम प्रणायाम करो और वापिस जाओ , ठीक हो जायोगे तो डॉक्टर भाई की दूकान कैसे चलेगी , फार्मा कंपनीयो का क्या होगा , आप को भी तब तक चैन नहीं पड़ता जब तक १५-२० गोली डॉक्टर न लिख दे। प्राणायम दोनों समय करने से शरीर को ऑक्सीजन अधिक मिलता है और वह अम्लीय नहीं रहता , प्रोसेस्ड फ़ूड ( बिस्कुट , नमकीन, सारे कोल्ड ड्रिंक्स , मैगी , होटल का खाना , चाट पकोड़ी , चिप्स और अन्य चखने ) बहुत ही एसिडिक है , अम्लीय है और रोग को ठीक नहीं होने देते। आप ७ / १४/२१ /३० दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार सिर्फ और सिर्फ कच्ची सब्ज़ी और फल पर रह के देखिये , परिणाम खुद देखेंगे। अंग्रेजी दवाई अदिकतर एसिडिक है , कम से कम ले , खान पान सुधरने से बी पी कण्ट्रोल होगा , सुबह सुबह एंटी एसिड नहीं लेनी पड़ेगी , रोग तेजी से पीछे हटेगा।
(४) कुछ सुझाव जो बहुत की क़माल के है , फ्री में करने के है , इसलिए समझ में कम आते है , कोई डॉक्टर नहीं बताता। ध्यान से पढ़े और जरूर करे , रोग में सुधर दिखने लगेगा - हमारी त्वचा तीसरी किडनी का काम करती है , इसे संभाले , तेल मालिश करे , विशेष तौर पर सोल / पैरो के तालुयो पर , दिन में दो बार स्नान करे , दो बार प्रणायाम करे , दो बार सैर के लिए जाये।
(५) तनाव कम करने का बेस्ट तरीका है कोई आध्यतमिक संस्था ज्वाइन करे , भगवन के बारे में जाने , विश्वाश करना सीखे , लालच को छोड़ना सीखे , आपसी संबध को सुधारे , खुद को सुधार कर ,दूसरे को सुधारने की न सोचे , अपने सुधर पर ध्यान दे , रोग आपको हुआ है दूसरे को नहीं , सोच आपकी गलत है दूसरे की नहीं।
अब आप बताओ कितनी सरल है रोग को ठीक करना ,कोई ज़्यादा खर्च भी नहीं करना , सोचो रोग अगर फ्री में आया है तो फ्री में क्यों नहीं जा सकता। अगर रोग मुझे है तो ज़िमेदार भी मैं ही हु , ठीक भी मुझे ही करना होगा , मेरा मन , शरीर ,आत्मा इस लायक है की इसे ठीक कर सकता है , भगवन मेरा मार्ग दर्शन करेगे और मेरी समझ बढ़ेगी , मैं ये प्राथना अपने भगवन / अल्लाह / जेसस से करता हूँ। अब तक जो जो नहीं किया , करना था , अब करूँगा , इस से वह वह होगा जो अब तक नहीं हुआ था , पूरी तरह स्वस्थ्य रहना मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है , मै अब और समझौता नहीं करूँगा - ऐसी पार्थना रोज़ करे। इस पोस्ट को बार बार पढ़े और शेयर करे ताकि बड़े बड़े डॉक्टर्स के पास पहुचे और अगर मै कही भी कुछ गलत कह रहा हु तो मुझे वो समझाए।🙏🙏