25/05/2026
सिंहासन – शेर बनने की कला, आत्मविश्वास और शक्ति का अद्भुत आसन
मित्रो, आज हम एक ऐसे आसन पर बात करेंगे जो तुम्हें शेर बना देता है – सिंहासन। जैसे शेर जंगल का राजा होता है, निडर, शक्तिशाली और गरिमामय – वैसे ही यह आसन साधक के भीतर छिपे हुए सिंह को जगाता है। जो नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करता है, वह धीरे-धीरे शेर की तरह हो जाता है – निडर, आत्मविश्वासी, और अपनी उपस्थिति से ही वातावरण को बदल देने वाला।
यह पोस्ट आप Telepathy – A Yoga For Complete Transformation पर पढ़ रहे हैं।
सिंहासन क्यों करें – शेर हमें क्या सिखाता है
शेर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखता। वह डरता नहीं। वह जानता है कि वह राजा है। सिंहासन साधक को वही आत्मविश्वास, वही निर्भयता, वही शक्ति प्रदान करता है। यह आसन विशेष रूप से गले, जीभ, चेहरे की मांसपेशियों और मुखर रज्जुओं को सक्रिय करता है। जो लोग डरपोक होते हैं, जिनकी आवाज कांपती है, जो सामने बोलने में संकोच करते हैं – उनके लिए यह आसन रामबाण है।
विधि – ऐसे करें सिंहासन
सबसे पहले वज्रासन (घुटनों के बल बैठना) में बैठ जाएँ। घुटने जमीन पर, पैर पीछे की ओर।
अब दोनों घुटनों को थोड़ा अलग करें। शरीर का पूरा वजन घुटनों और हाथों पर रहेगा।
दोनों हाथों को घुटनों के बीच जमीन पर रखें – हथेलियाँ जमीन की ओर, उँगलियाँ शरीर की ओर।
रीढ़ को सीधा रखें। आँखें खोलें और सामने देखें।
अब गहरी साँस लें। साँस छोड़ते हुए मुँह को पूरा खोलें, जीभ को जितना हो सके बाहर निकालें (निचले होंठ के नीचे), और ‘हा…’ या ‘सिंह की दहाड़’ जैसी आवाज करें। आँखों को एकटक सामने रखें।
यह एक बार की क्रिया है। फिर सामान्य श्वास लें। इस प्रक्रिया को 5-7 बार दोहराएँ।
ध्यान रखने योग्य बातें
· जीभ को जितना हो सके उतना बाहर निकालें – चेहरे की सारी मांसपेशियाँ खिंचनी चाहिए।
· आवाज गले से निकले – फेफड़ों से नहीं। दहाड़ गहरी और गंभीर हो।
· आँखों को सामने किसी एक बिंदु पर स्थिर रखें – डोलने न दें।
· यदि घुटनों में दर्द हो तो नीचे कंबल या मैट बिछा लें।
सिंहासन के लाभ
· गला, जीभ, मुखर रज्जु, चेहरे की मांसपेशियाँ – सब मजबूत होती हैं।
· आवाज में गहराई और गंभीरता आती है। जो लोग हकलाते हैं, डरकर बोलते हैं – उन्हें बहुत लाभ होता है।
· थायराइड ग्रंथि सक्रिय होती है – गले के रोग दूर होते हैं।
· मन का डर, हिचक, संकोच – सब निकल जाता है। आत्मविश्वास बढ़ता है।
· चेहरे पर तेज और ग्लो आता है। झुर्रियाँ कम होती हैं।
· बच्चों को टॉन्सिल, सर्दी-जुकाम, एडेनोइड्स में बहुत लाभ होता है।
एक प्रयोग – शेर बनकर दहाड़ो
प्रतिदिन सुबह 5-7 बार सिंहासन का अभ्यास करो। जब दहाड़ो, तो कल्पना करो कि तुम शेर हो – जंगल का राजा। तुझे किसी से डर नहीं। तेरी आवाज सुनकर सब ठहर जाते हैं। 21 दिन लगातार करो। तुम पाओगे – तुम्हारे अंदर का डर खत्म हो गया है। तुम सामने बोलने में संकोच नहीं करते। तुम निडर हो गए हो। तुम सिंह हो गए हो।
एक लाइन में सार – “सिंहासन सिखाता है – डर मिथ्या है, शक्ति तुम्हारे भीतर है। बस उसे जगाना है। दहाड़ो, और दुनिया सुन लेगी।”
🔔 व्हाट्सएप चैनल का लिंक कमेंट बॉक्स में PIN है, जरूर ज्वाइन करें।