सबका साथ गाँव का विकास:- 9594190620 चुन्नू पंडित मीरपुर प्रतापपुर:-

  • Home
  • India
  • Sultanpur
  • सबका साथ गाँव का विकास:- 9594190620 चुन्नू पंडित मीरपुर प्रतापपुर:-

सबका साथ गाँव का विकास:- 9594190620 चुन्नू पंडित मीरपुर प्रतापपुर:- 🚩मुझे सज्जनता, ईमानदारी का सबसे अलग ब्रांड बनना है, 🚩जिंदगी में कभी किसी का हाय और बद्दुआ नही लेना।

06/10/2025

#साथ_आइए__कुछ कर दिखाएंगे।

06/10/2025
06/10/2025

#एक किरण अंधकार में________
#भ्रष्टाचार किसी भी समाज की जड़ों को खोखला कर देता है। यह केवल पैसों की हेराफेरी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसी बुराई है जो न्याय, विकास और ईमानदारी को निगल जाती है।
#जब जनता अपने ही हक़ के लिए रिश्वत देने को मजबूर हो जाती है, तब व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है। लेकिन यदि कुछ साहसी और सच्चे लोग आगे आएँ, तो यह बुराई भी परास्त की जा सकती है।
#यही संदेश हमें इस कहानी से मिलता है।
#एक छोटे कस्बे में अशोक नाम का एक होनहार और ईमानदार युवक रहता था।
पढ़ाई में मेधावी और स्वभाव से विनम्र अशोक का सपना था कि वह प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की भलाई करे। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उसका चयन सरकारी नौकरी में हो गया। जब उसने नौकरी ज्वाइन की तो उसके मन में उत्साह और उम्मीद की लहर दौड़ गई।
#उसे विश्वास था कि अब वह लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेगा।
लेकिन कार्यालय की वास्तविकता देखकर वह हैरान रह गया। बिना रिश्वत कोई फ़ाइल आगे नहीं बढ़ती थी। छोटे-छोटे कामों के लिए भी पैसों की माँग की जाती थी। मजबूर जनता चुपचाप पैसे देकर अपना काम करवाती थी।

#इसी बीच एक दिन मनोज, एक गरीब किसान, अपने खेत की सिंचाई के लिए सरकारी योजना का लाभ लेने दफ़्तर आया। कागज़ात पूरे थे, परंतु बाबू ने कहा____
#जल्दी मंज़ूरी चाहिए तो सेवा करनी पड़ेगी।
बेबस किसान ने हाथ जोड़कर कहा__“साहब, मेरे पास देने को पैसे नहीं हैं। अगर रिश्वत दूँगा तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा?”
#यह सुनकर बाबू ने उसकी फ़ाइल एक ओर फेंक दी।
अशोक_ यह सब देख रहा था। उसका मन आक्रोश और पीड़ा से भर उठा।
उसने फ़ाइल उठाई, जाँच की और बिना रिश्वत लिए मंज़ूरी दे दी।
किसान की आँखें भर आईं। जाते-जाते उसने कहा____
#बेटा, अगर हर अफ़सर तुझ जैसा हो जाए तो हम गरीबों का जीवन बदल जाए।”
पर अशोक की ईमानदारी उसके सहकर्मियों को नागवार गुज़री। उन्होंने कहा____
#अगर यह ऐसे ही काम करता रहा तो हमारी कमाई बंद हो जाएगी।”
उन्होंने उसे दबाव में लाने की कोशिश की, पर अशोक अडिग रहा।
धीरे-धीरे उसकी ईमानदारी की चर्चा पूरे कस्बे में फैल गई। लोग सीधे उसी के पास आने लगे। भ्रष्ट बाबुओं की कमाई घटने लगी।
तब उन्होंने उसके खिलाफ़ झूठे आरोप लगाकर उसका तबादला कराने की साज़िश रची।
#लेकिन अब जनता जाग चुकी थी।
किसान, मज़दूर और व्यापारी सब इकट्ठा होकर ज़िला अधिकारी के पास पहुँचे।
#सबने एक स्वर में कहा_____
“साहब, अशोक बाबू को मत हटाइए।
यह अकेले ऐसे अधिकारी हैं जो बिना पैसे लिए हमारा काम करते हैं।
हमें ऐसे ही अफ़सर चाहिए।”
#जनता की आवाज़ और अशोक की निष्ठा देखकर ज़िला अधिकारी भी प्रभावित हुआ। उसने न केवल उसका तबादला रोका, बल्कि भ्रष्ट कर्मचारियों के विरुद्ध जाँच के आदेश भी दे दिए।
#धीरे-धीरे दफ़्तर का माहौल बदलने लगा।
रिश्वतखोरी कम हुई और लोगों ने समझा कि ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताक़त है।
अशोक बाबू की सच्चाई और साहस ने सिद्ध कर दिया कि भ्रष्टाचार अजेय नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प से उस पर विजय पाई जा सकती है।
#सीख:- यह कहानी हमें सिखाती है कि भ्रष्टाचार समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। लेकिन यदि हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और साहस के साथ करे, तो कोई भी बुराई टिक नहीं सकती। एक अकेला सच्चा इंसान भी पूरे तंत्र को बदलने की शक्ति रखता है।
#महत्वपूर्ण संदेश_______
#आज देश की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है।
लेकिन बदलाव तभी संभव है जब हम स्वयं गलत रास्ते पर समझौता करना बंद करें।
रिश्वत न देना भी उतना ही बड़ा साहस है जितना रिश्वत न लेना।
#यदि हम सब मिलकर ईमानदारी का साथ दें, तो भ्रष्टाचार पर विजय पाना कठिन नहीं रहेगा....
🥳
💫
&₹
#चुन्नू_भईया__मीरपुर_प्रतापपुर____

06/10/2025

#एक किरण अंधकार में________
#भ्रष्टाचार किसी भी समाज की जड़ों को खोखला कर देता है। यह केवल पैसों की हेराफेरी भर नहीं है, बल्कि एक ऐसी बुराई है जो न्याय, विकास और ईमानदारी को निगल जाती है।
#जब जनता अपने ही हक़ के लिए रिश्वत देने को मजबूर हो जाती है, तब व्यवस्था कमजोर पड़ जाती है। लेकिन यदि कुछ साहसी और सच्चे लोग आगे आएँ, तो यह बुराई भी परास्त की जा सकती है।
#यही संदेश हमें इस कहानी से मिलता है।
#एक छोटे कस्बे में अशोक नाम का एक होनहार और ईमानदार युवक रहता था।
पढ़ाई में मेधावी और स्वभाव से विनम्र अशोक का सपना था कि वह प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की भलाई करे। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद उसका चयन सरकारी नौकरी में हो गया। जब उसने नौकरी ज्वाइन की तो उसके मन में उत्साह और उम्मीद की लहर दौड़ गई।
#उसे विश्वास था कि अब वह लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकेगा।
लेकिन कार्यालय की वास्तविकता देखकर वह हैरान रह गया। बिना रिश्वत कोई फ़ाइल आगे नहीं बढ़ती थी। छोटे-छोटे कामों के लिए भी पैसों की माँग की जाती थी। मजबूर जनता चुपचाप पैसे देकर अपना काम करवाती थी।

#इसी बीच एक दिन मनोज, एक गरीब किसान, अपने खेत की सिंचाई के लिए सरकारी योजना का लाभ लेने दफ़्तर आया। कागज़ात पूरे थे, परंतु बाबू ने कहा____
#जल्दी मंज़ूरी चाहिए तो सेवा करनी पड़ेगी।
बेबस किसान ने हाथ जोड़कर कहा__“साहब, मेरे पास देने को पैसे नहीं हैं। अगर रिश्वत दूँगा तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा?”
#यह सुनकर बाबू ने उसकी फ़ाइल एक ओर फेंक दी।
अशोक_ यह सब देख रहा था। उसका मन आक्रोश और पीड़ा से भर उठा।
उसने फ़ाइल उठाई, जाँच की और बिना रिश्वत लिए मंज़ूरी दे दी।
किसान की आँखें भर आईं। जाते-जाते उसने कहा____
#बेटा, अगर हर अफ़सर तुझ जैसा हो जाए तो हम गरीबों का जीवन बदल जाए।”
पर अशोक की ईमानदारी उसके सहकर्मियों को नागवार गुज़री। उन्होंने कहा____
#अगर यह ऐसे ही काम करता रहा तो हमारी कमाई बंद हो जाएगी।”
उन्होंने उसे दबाव में लाने की कोशिश की, पर अशोक अडिग रहा।
धीरे-धीरे उसकी ईमानदारी की चर्चा पूरे कस्बे में फैल गई। लोग सीधे उसी के पास आने लगे। भ्रष्ट बाबुओं की कमाई घटने लगी।
तब उन्होंने उसके खिलाफ़ झूठे आरोप लगाकर उसका तबादला कराने की साज़िश रची।
#लेकिन अब जनता जाग चुकी थी।
किसान, मज़दूर और व्यापारी सब इकट्ठा होकर ज़िला अधिकारी के पास पहुँचे।
#सबने एक स्वर में कहा_____
“साहब, अशोक बाबू को मत हटाइए।
यह अकेले ऐसे अधिकारी हैं जो बिना पैसे लिए हमारा काम करते हैं।
हमें ऐसे ही अफ़सर चाहिए।”
#जनता की आवाज़ और अशोक की निष्ठा देखकर ज़िला अधिकारी भी प्रभावित हुआ। उसने न केवल उसका तबादला रोका, बल्कि भ्रष्ट कर्मचारियों के विरुद्ध जाँच के आदेश भी दे दिए।
#धीरे-धीरे दफ़्तर का माहौल बदलने लगा।
रिश्वतखोरी कम हुई और लोगों ने समझा कि ईमानदारी ही सबसे बड़ी ताक़त है।
अशोक बाबू की सच्चाई और साहस ने सिद्ध कर दिया कि भ्रष्टाचार अजेय नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प से उस पर विजय पाई जा सकती है।
#सीख:- यह कहानी हमें सिखाती है कि भ्रष्टाचार समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। लेकिन यदि हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन ईमानदारी और साहस के साथ करे, तो कोई भी बुराई टिक नहीं सकती। एक अकेला सच्चा इंसान भी पूरे तंत्र को बदलने की शक्ति रखता है।
#महत्वपूर्ण संदेश_______
#आज देश की जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है।
लेकिन बदलाव तभी संभव है जब हम स्वयं गलत रास्ते पर समझौता करना बंद करें।
रिश्वत न देना भी उतना ही बड़ा साहस है जितना रिश्वत न लेना।
#यदि हम सब मिलकर ईमानदारी का साथ दें, तो भ्रष्टाचार पर विजय पाना कठिन नहीं रहेगा....
🥳
💫
&₹
#चुन्नू_भईया__मीरपुर_प्रतापपुर____

31/07/2025

#जो लोग आपके पद प्रतिष्ठा और पैसे से जुड़े हैं वो लोग केवल सुख में आपके साथ खड़े होंगे!
#और जो लोग आपकी वाणी विचार और व्यवहार से जुड़े हैं वो लोग संकट में भी आपके लिये खड़े रहेंगे!!

04/06/2025

Celebrating my 6th year on Facebook. Thank you for your continuing support. I could never have made it without you. 🙏🤗🎉

#तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नही??
#कमाल की बात ये है कि फिर भी तुम्हे यकीन नहीं ??🙅🙅

👌👌 #प्रजापतिर्हि वैश्याय सृष्ट्वा परिददे पशून् ।    #ब्राह्मणाय च राज्ञे च सर्वः परिददे प्रजा: ।।                       ...
06/02/2025

👌👌
#प्रजापतिर्हि वैश्याय सृष्ट्वा परिददे पशून् ।
#ब्राह्मणाय च राज्ञे च सर्वः परिददे प्रजा: ।।
(मनु स्मृति ९/३२७)
🚩 #प्रजापति ने सृष्टि रचकर वैश्यों को पशु दिया, ब्राह्मण एवं राजा को सारी प्रजा दी , अतः राजा के अभाव में विद्वानों पर सर्वाधिक भार आता है ।
🚩 #विद्वान् , आस्तिक , सद्गृहस्थ एवं साधु-सत्पुरुषों के बिना राजनीति सर्वथा उच्छऋंखल लोगो के हाथ मे चली जाती है, #फिर तो गुंडागर्दी का ही शासन होने लगता है , अतः धार्मिक लोगो के प्रवेश से ही समस्या हल हो सकती है ।
🚩 #यह ठीक है कि 'सच्छिक्षा एवं सद्विद्या के प्रचार से सद्बुद्धि होती है, सद्बुद्धि से सदिच्छा एवं सदिच्छा से सतप्रयत्न होता है और सत्प्रयत्न ही सब प्रकार के सत्फलो का स्रोत होता है ।'

🚩 #परन्तु आज तो शिक्षा भी स्वतंत्र विद्वान् के हाथ मे नही है , जिस विचार के शासक है, उसी विचार का समर्थन करनेवाली आज की शिक्षा बनती जा रही है ।

🚩 #स्वतंत्र विद्वान् , स्वतंत्र विद्यालय एवं उनके छात्र भी सरकारी शिक्षा के प्रभाव से स्पष्ट ही प्रभावित है ।
कथावाचक ,महामंडलेश्वर आदि भी उसी ढंग से कथा कहने में लाभ अनुभव करते है ।

🚩 #घोर नास्तिक उच्छऋंखल मिनिस्टरों , सरकारी पदाधिकारियो की भी विद्वान् महंत , मंडलेश्वर प्रसंशा करते फिरते है , इस दृष्टि से नास्तिकों के हाथ से राजनीति का उद्धार करने योग्य , धार्मिक, सुशील लोगो के हाथ मे राजनीति लाने के लिए विद्वान् का प्रयत्न आवश्यक है ही ।
🚩 #महाभारत का स्पष्ट वचन है----

"क्षात्रो धर्मो ह्यादिदेवात प्रवृतः
पश्चादनये शेषभूताश्च धर्मा:।।"
(महा0 शां0 ६४/२१)
🚩 #परमेश्वर से सर्वप्रथम राजधर्म का ही आविर्भाव हुआ ।उसके पीछे राजधर्म के अंगभूत अन्य धर्मों का पारदुर्भव हुआ ।

🚩 #अतः राजधर्म-राजनीति के नष्ट होनेपर त्रयी धर्म के डूब जाने के बात आती है । अराजकता या उच्छऋंखल
🚩 #राजा के धर्म हीन अधार्मिक राज्य में कोई धर्म पनप ही नही सकता ।

🚩 #व्यक्ति, समाज,राष्ट्र तथा विश्व के लौकिक-पारलौकिक अभ्युदय एवं निःश्रेयस के सम्पादन में होने वाले सब प्रकार के विघ्नों को रोककर सब प्रकार के सुविधा उपस्थित करना भारतीय राजधर्म, राजनीति या क्षात्र धर्म का मूलमन्त्र है ।

🚩शासनारूढ़ शासक की भूल प्रमाद को रोकने के लिए परम निरपेक्ष विरक्त विद्वान् भी लोककल्याण कामना से राजनीति में हस्तक्षेप करते थे ।

🚩 #इतना ही नही ! कभी-कभी तो वेन जैसे अन्यायी राजा को , जो समझाने बुझाने से भी न माने, शासनाधिकार से च्युत करके नष्ट कर देते थे एवं उसके स्थान पर पृथु जैसे योग्य शासक को प्रतिष्ठित करते थे । यह भी लोककल्याणार्थ विद्वानों के राजनीति में हस्तक्षेप का उदाहरण है ।

🚩 #इतिहास कहता है कि संसार के प्रमुख राजनीतिज्ञ शासकों ने अपनी राजनीति की बागडोर तपः पूत, लोक-हितैषी, राग-द्वेषहीन ऋषियों के ही हाथों में दे रखी थी ।
🚩 #देवराज की राजनीति देवगुरु बृहस्पति के हाथ मे थी, दैत्यराज बलि की राजनीति महर्षि शुक्राचार्य के हाथ मे थी तथा रामचंद्र की वशिष्ठ के हाथ मे , धर्मराज युधिष्ठिर की राजनीति धौम्य, व्यास, कृष्ण, विदुर आदि के हाथ मे थी , चन्द्रगुप्त की राजनीति महर्षि चाणक्य के तथा शिवा जी की समर्थ रामदास के हाथ मे थी ।

🚩 #वस्तुतः जैसे बिना अंकुश के हाथी, बिना लगाम के घोड़ा आदि हानिकारक होते हैं वैसे ही बिना अंकुश एवं नियंत्रण के शासन भी हानिकारक होता है ।

🚩 #राज्यश्री सम्पन्न राजा पर भी अंकुश होना चाहिए , इसी अर्थ में राजपर धर्म मे नियंत्रण होना चाहिए ।

🚩 #धर्म , कर्म , संस्कृति, धर्मसंस्था की रक्षा तभी संभव है, जब धर्म नियंत्रित शासक हो , अन्यथा उच्छऋंखल शासक सबको ही चौपट कर देता है ।🌱
🙏👏👏🙏🚩🚩🚩🚩

19/07/2024
 #इस औजार को अपने घर खरीदकर रखें। ये बहुत उपयोगी है, इससे नारियल काटने में आसानी होती है।........ #इसके अलावा बाग बगीचे ...
19/07/2024

#इस औजार को अपने घर खरीदकर रखें। ये बहुत उपयोगी है, इससे नारियल काटने में आसानी होती है।........
#इसके अलावा बाग बगीचे की सुंदरता के लिए इससे छोटी मोटी टहनियां भी काट सकते हैं???

27/12/2023

जय सियाराम जी 🚩🎉🌹🚩🎉🌹

Address

Akhand Nagar
Sultanpur
228171

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when सबका साथ गाँव का विकास:- 9594190620 चुन्नू पंडित मीरपुर प्रतापपुर:- posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Practice

Send a message to सबका साथ गाँव का विकास:- 9594190620 चुन्नू पंडित मीरपुर प्रतापपुर:-:

Share