08/02/2026
वर्ष 2010 में Ashok Gehlot ने मेरे बीकानेर ऑफिस में छापा मारा और आरोप लगाया कि महिलाओं की नंगी तस्वीरें मिली और जब हाईकोर्ट ने पीछा किया तो पुलिस ने नतीजा दिया कि यह सब झूठ था… झूठा मुकदमा करने पर राजस्थान सरकार ने एक लाख रुपया मेरे खाते में डाला और पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई कर NHRC को रिपोर्ट भी भेजी…
13 साल बाद वर्ष 2022 में पुरानी फ़िल्म के डायरेक्टर-राइटर अशोक गहलोत साहब ने मेरे जयपुर ऑफिस में छापा मारा और छापा मारने के छह महीने बाद पेन ड्राइव बताकर एक झूठा मुकदमा मेरे चिपकाया…
क़ानूनी स्थिति:
1. पुलिस के अनुसार जब्ती(छापे) के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी, न्यायालय और मैं दोनों पुलिस से रिकॉर्डिंग माँग रहे हैं, पिछले पाँच साल में भी पुलिस ने रिकॉर्डिंग न्यायालय में पेश नहीं की क्योंकि रिकॉर्डिंग सामने आते ही नेताओं और पुलिस अफ़सरों की पोल खुल जाएगी…
2. हाईकोर्ट में CBI जाँच के लिए याचिका लंबित है, जिस पर सुनवाई हुई तो भी इनकी पोल खुल जाएगी…
3. वर्तमान विधानसभा के 29 विधायकों ने भी CM Bhajanlal Sharma से मामला CBI को भेजने की लिखित मांग कर रखी है… अगर वर्तमान या किसी भावी CM ने मामला CBI को सौंप दिया या न्यायिक जाँच हो गई तो नेताओं और अफसरों को लेने के देने पड़ जायेंगे…
सबको पता है कि Dainik Bhaskar रोजाना अपना अखबार मेरे नाम से क्यों भरता है… फिर भी बता देता हूँ…
भास्कर मालिक सुधीर अग्रवाल और संपादक एल पी पंत के ख़िलाफ़ राजस्थान में POCSO एक्ट के कई मुक़दमे दर्ज है, जिनमें पैरवी हमारे ऑफ़िस द्वारा की जा रही है, उन मुकदमों में राजीनामा और बयान बदलने का दबाव बनाने का इनका असफल प्रयास जारी है…
यह हाथी 🐘 और मेरे जैसी चींटी 🐜 के बीच न्याय की लड़ाई है… सच्चाई और ईश्वर मेरे साथ है लेकिन भ्रष्टाचारी लोग, हाथी के साथ हैं…
भास्कर ने 2022 से अब तक यह 77 वीं खबर छापी है… भास्कर के माध्यम से जनता तक यह सच्चाई पहुँच रही है कि सरकारें कितना गिर जाती हैं… इस बात के लिए तो भास्कर अख़बार का धन्यवाद तो बनता ही है…🙏