Jai Maa Radhika Clinic

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Asphyxia (अस्फ़िक्सिया) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में कठिना...
11/10/2024

Asphyxia (अस्फ़िक्सिया) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होती है। यह स्थिति किसी रुकावट या सांस लेने में बाधा के कारण उत्पन्न हो सकती है। अस्फ़िक्सिया के लक्षण और संकेत निम्नलिखित हो सकते हैं:

लक्षण (Symptoms):
सांस की तकलीफ (Dyspnea) – व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई होती है।
त्वचा का नीला पड़ना (Cyanosis) – ऑक्सीजन की कमी के कारण त्वचा, होंठ और नाखून नीले रंग के हो सकते हैं।
बेहोशी (Unconsciousness) – अत्यधिक ऑक्सीजन की कमी होने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है।
सांस रुकना (Apnea) – सांस पूरी तरह से रुक सकती है।
घबराहट (Anxiety) – व्यक्ति को घबराहट महसूस हो सकती है।
चक्कर आना (Dizziness) – ऑक्सीजन की कमी से चक्कर आ सकते हैं।
दिल की धड़कनें तेज होना (Tachycardia) – शरीर ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए दिल की धड़कन बढ़ा देता है।
दबाव महसूस होना (Chest Pain) – सीने में दबाव या दर्द हो सकता है।
संकेत (Signs):
मुंह और आंखों में सूजन (Swelling in Mouth and Eyes) – सांस रुकावट या अन्य कारणों से सूजन हो सकती है।
झटके आना (Seizures) – ऑक्सीजन की कमी से दौरे पड़ सकते हैं।
गर्दन या छाती में चोट के निशान (Marks on Neck/Chest) – गला घोंटने या बाहरी दबाव के कारण निशान हो सकते हैं।
अत्यधिक पसीना आना (Excessive Sweating) – शरीर तनाव में होने पर पसीना ज्यादा आता है।
अगर अस्फ़िक्सिया की स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह एक गंभीर स्थिति होती है और तुरंत चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता होती है।

एज़ूस्पर्मिया (Azoos***mia) के लक्षण और संकेत:एज़ूस्पर्मिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के वीर्य में शुक्राणु (S***m) ...
06/10/2024

एज़ूस्पर्मिया (Azoos***mia) के लक्षण और संकेत:

एज़ूस्पर्मिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के वीर्य में शुक्राणु (S***m) नहीं होते हैं। यह बांझपन का एक मुख्य कारण हो सकता है। इसके लक्षण सामान्य रूप से स्पष्ट नहीं होते, क्योंकि इसका संबंध आंतरिक प्रजनन तंत्र से होता है। हालांकि, कुछ संकेत और लक्षण ऐसे हो सकते हैं जो इस समस्या की ओर इशारा करते हैं:

1. संतान उत्पत्ति में कठिनाई (Infertility):

सबसे प्रमुख लक्षण यह होता है कि जब पुरुष संतान उत्पत्ति करने में असमर्थ होता है। इस समस्या के कारण लंबे समय तक प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है।
2. वीर्य का पतला होना (Low Semen Volume):

वीर्य का अत्यधिक पतला होना भी एज़ूस्पर्मिया का संकेत हो सकता है। वीर्य की मात्रा सामान्य से कम हो सकती है।
3. यौन इच्छा में कमी (Reduced Sexual Desire):

टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी के कारण यौन इच्छा (Libido) में कमी हो सकती है।
4. स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction):

कुछ पुरुषों में एज़ूस्पर्मिया के साथ स्तंभन दोष की समस्या भी हो सकती है, जिसमें लिंग का पर्याप्त रूप से खड़ा नहीं हो पाना शामिल है।
5. अंडकोष का आकार असामान्य होना (Abnormal Testicle Size):

एज़ूस्पर्मिया से ग्रस्त कुछ पुरुषों के अंडकोष का आकार असामान्य हो सकता है, जैसे कि छोटे या कठोर अंडकोष।
6. दर्द या सूजन (Pain or Swelling):

कुछ मामलों में, पुरुषों को अंडकोष या इसके आस-पास दर्द, सूजन या असहजता महसूस हो सकती है। यह किसी संक्रमण या रुकावट का संकेत हो सकता है।
7. हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance):

शरीर में हार्मोनल असंतुलन, जैसे कि कम टेस्टोस्टेरोन, स्तन में सूजन (Gynecomastia), या अन्य हार्मोनल बदलावों के कारण लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
8. थकान और कमजोरी (Fatigue and Weakness):

कुछ पुरुषों में अत्यधिक थकान, कमजोरी, और शारीरिक ऊर्जा की कमी हो सकती है।
नोट: एज़ूस्पर्मिया का निदान करने के लिए उचित चिकित्सकीय जांच, जैसे कि वीर्य परीक्षण (Semen Analysis) और हार्मोनल परीक्षण की आवश्यकता होती है। यदि किसी पुरुष में इन लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखता है, तो तुरंत एक चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए।

पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis) के लक्षण और संकेत:पैंक्रियाटाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें अग्न्याशय (पैंक्रियास) में सूजन...
04/10/2024

पैंक्रियाटाइटिस (Pancreatitis) के लक्षण और संकेत:

पैंक्रियाटाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें अग्न्याशय (पैंक्रियास) में सूजन हो जाती है। इसके प्रमुख लक्षण और संकेत निम्नलिखित हैं:

उपरी पेट में तेज दर्द:

दर्द अक्सर पेट के बीच या बाईं ओर महसूस होता है और यह पीठ तक जा सकता है।
दर्द अचानक शुरू हो सकता है और खाने के बाद बढ़ सकता है।
उल्टी और मितली (Nausea and Vomiting):

लगातार मितली आना और उल्टी होना।
पेट में सूजन (Abdominal Swelling):

पेट में सूजन या पेट भरा हुआ महसूस होना।
बुखार (Fever):

हल्का या तेज बुखार हो सकता है।
तेज़ हृदय गति (Increased Heart Rate):

हृदय की गति सामान्य से अधिक तेज हो सकती है।
वजन में कमी (Weight Loss):

दीर्घकालिक पैंक्रियाटाइटिस में भूख में कमी और वजन कम हो सकता है।
तेलयुक्त दस्त (Oily Stools or Steatorrhea):

मल का रंग हल्का और तेलीय हो सकता है, जो शरीर में वसा को ठीक से पचाने में कठिनाई का संकेत हो सकता है।
पीली त्वचा और आँखों का सफेद भाग पीला होना (Jaundice):

अगर बाइल डक्ट प्रभावित होता है तो पीलिया के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी महसूस होता है, तो तत्काल चिकित्सा परामर्श लें। पैंक्रियाटाइटिस एक गंभीर चिकित्सा स्थिति हो सकती है और उचित उपचार की आवश्यकता होती है।

**Edema** का मतलब हिंदी में **सूजन** होता है। यह तब होता है जब शरीर के किसी हिस्से में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे ...
04/10/2024

**Edema** का मतलब हिंदी में **सूजन** होता है। यह तब होता है जब शरीर के किसी हिस्से में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे उस हिस्से में सूजन या फुलावट आ जाती है। यह आमतौर पर त्वचा के नीचे या अंगों में होता है।
**एडेमा** कई कारणों से हो सकता है, जैसे:
* चोट
* संक्रमण
* हृदय, किडनी, या लीवर की बीमारियाँ
* लम्बे समय तक खड़े रहने या बैठे रहने से
* कुछ दवाइयों के दुष्प्रभाव से
एडेमा वाले हिस्से में त्वचा फूली हुई और चमकदार दिख सकती है, और उस हिस्से को दबाने पर उसमें निशान रह जाता है।
एडेमा (सूजन) के मुख्य लक्षण और संकेत इस प्रकार होते हैं:
**1. सूजन (Swelling):**
* त्वचा के नीचे या शरीर के किसी हिस्से (जैसे पैर, टखने, हाथ, चेहरा) में सूजन होना।
* सूजन विशेष रूप से पैर, टखने और हाथों में अधिक दिखाई देती है।
**2. त्वचा पर निशान (Pitting):**
* जब सूजे हुए हिस्से पर उंगली से दबाया जाता है, तो वह हिस्सा दबने के बाद कुछ देर के लिए गड्ढे जैसा दिखाई देता है।
**3. चमकदार और खिंची हुई त्वचा (Shiny or Stretched Skin):**
* सूजन वाली त्वचा तनी हुई और चमकदार लगती है।
**4. वजन बढ़ना (Weight Gain):**
* शरीर में तरल पदार्थ के जमा होने से अचानक वजन बढ़ सकता है।
**5. कसाव या भारीपन (Tightness or Heaviness):**
* सूजे हुए अंगों में भारीपन या कसाव महसूस हो सकता है।
**6. चलने-फिरने में कठिनाई (Difficulty Moving):**
* सूजन के कारण प्रभावित हिस्से को हिलाने-डुलाने में कठिनाई हो सकती है।
**7. दर्द या असुविधा (Pain or Discomfort):**
* सूजे हुए हिस्से में हल्का दर्द या असुविधा महसूस हो सकती है।
**8. त्वचा का रंग बदलना (Change in Skin Color):**
* सूजन वाले हिस्से में त्वचा का रंग हल्का लाल या नीला हो सकता है।
**9. श्वास लेने में कठिनाई (Difficulty Breathing):**
* यदि एडेमा फेफड़ों या छाती के आसपास होता है, तो सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इसे **पल्मोनरी एडेमा** कहा जाता है।
**10. कम पेशाब आना (Decreased Urination):**
* शरीर में तरल पदार्थ जमा होने के कारण कम पेशाब आ सकता है।
अगर किसी को इन लक्षणों का अनुभव होता है, तो यह जरूरी है कि वे चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है।

Breast Cancer (स्तन कैंसर) एक प्रकार का कैंसर है जो स्तनों (Breasts) में शुरू होता है। यह तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं...
30/09/2024

Breast Cancer (स्तन कैंसर) एक प्रकार का कैंसर है जो स्तनों (Breasts) में शुरू होता है। यह तब होता है जब स्तन की कोशिकाएं (Cells) अनियंत्रित तरीके से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर (Tumor) का रूप ले लेती हैं। यह ट्यूमर कैंसरयुक्त हो सकता है, जिसका मतलब है कि यह शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है।

स्तन कैंसर के कारण (Causes of Breast Cancer):
स्तन कैंसर के कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

आनुवंशिकी (Genetics): अगर परिवार में पहले से किसी को स्तन कैंसर रहा हो, तो इसका खतरा बढ़ सकता है।
हार्मोनल परिवर्तन (Hormonal Changes): एस्ट्रोजेन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) हार्मोन की अनियमितता भी स्तन कैंसर का कारण बन सकती है।
उम्र (Age): उम्र बढ़ने के साथ स्तन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, खासकर 50 साल की उम्र के बाद।
जीवनशैली (Lifestyle): धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, और अनियमित खानपान जैसी आदतें भी स्तन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
मोटापा (Obesity): अधिक वजन होने से हार्मोनल असंतुलन हो सकता है, जो स्तन कैंसर का कारण बन सकता है।
स्तन कैंसर के लक्षण (Symptoms of Breast Cancer):
स्तन में गांठ (Lump) या कठोरपन महसूस होना।
निप्पल से तरल पदार्थ का रिसाव होना।
स्तनों का आकार या रूप में परिवर्तन।
त्वचा में बदलाव जैसे लाली, सूजन, या झुर्रियां।
स्तन कैंसर की रोकथाम (Prevention of Breast Cancer):
नियमित रूप से स्तन परीक्षण करवाना।
संतुलित आहार लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना।
धूम्रपान और शराब का सेवन सीमित करना।
परिवार में कैंसर की जानकारी होने पर समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराना।
इलाज (Treatment):
स्तन कैंसर का इलाज कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे:

सर्जरी (Surgery): कैंसरयुक्त ट्यूमर को हटाने के लिए।
कीमोथेरेपी (Chemotherapy): कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए दवाइयों का उपयोग।
रेडिएशन (Radiation Therapy): कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रेडिएशन का उपयोग।
हार्मोनल थेरेपी (Hormonal Therapy): हार्मोन के स्तर को नियंत्रित करने के लिए।
स्तन कैंसर का जल्दी पता चलना और इलाज शुरू करना सबसे महत्वपूर्ण है, जिससे इसके ठीक होने की संभावना अधिक हो जाती है।

Hydrocephalus एक चिकित्सा स्थिति है जिसमें मस्तिष्क में मस्तिष्कमेरु द्रव (Cerebrospinal Fluid - CSF) की अत्यधिक मात्रा ...
30/09/2024

Hydrocephalus एक चिकित्सा स्थिति है जिसमें मस्तिष्क में मस्तिष्कमेरु द्रव (Cerebrospinal Fluid - CSF) की अत्यधिक मात्रा जमा हो जाती है। यह द्रव सामान्य रूप से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर बहता है और मस्तिष्क की सुरक्षा, पोषण और कचरे को हटाने का काम करता है।

Hydrocephalus कैसे होता है?
जब इस द्रव का संतुलन गड़बड़ाता है, यानि:

द्रव का अधिक उत्पादन हो जाता है,
द्रव का सही निकास नहीं हो पाता, या
मस्तिष्क के भीतर द्रव प्रवाह में रुकावट आ जाती है,
तो यह द्रव मस्तिष्क की गुहाओं (ventricles) में जमा होने लगता है। इससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ जाता है, और यह मस्तिष्क के कार्य को प्रभावित करता है।

Hydrocephalus होने के कारण:
जन्मजात कारण: यह जन्म से ही हो सकता है। गर्भ में विकास के दौरान मस्तिष्क की संरचना में किसी असामान्यता के कारण।
सिर की चोट: गंभीर सिर की चोट या आघात से द्रव का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है।
स्नायु तंत्र में संक्रमण: मस्तिष्क में संक्रमण (जैसे मेनिन्जाइटिस) भी द्रव के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है।
मस्तिष्क के ट्यूमर: मस्तिष्क में ट्यूमर होने से भी द्रव की निकासी बाधित हो सकती है।
उम्र से संबंधित कारण: वृद्धावस्था में भी कभी-कभी द्रव का निकास सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ता है।
लक्षण:
बच्चों में सिर का असामान्य रूप से बड़ा होना
सिरदर्द
उल्टी आना
देखने में समस्या
संतुलन में गड़बड़ी
याददाश्त में कमी
उपचार:
Hydrocephalus का उपचार ज्यादातर सर्जरी के द्वारा किया जाता है। इसमें एक शंट प्रणाली लगाई जाती है, जो अतिरिक्त द्रव को मस्तिष्क से शरीर के दूसरे हिस्से (जैसे पेट) में स्थानांतरित कर देती है, जहाँ से यह शरीर द्वारा अवशोषित हो जाता है।

यह एक गंभीर समस्या हो सकती है, लेकिन समय पर निदान और सही इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

वर्जिनिटी (कौमार्य) एक सांस्कृतिक और सामाजिक धारणा है, जो उस स्थिति को दर्शाती है जब किसी व्यक्ति ने अभी तक यौन संबंध नह...
24/09/2024

वर्जिनिटी (कौमार्य) एक सांस्कृतिक और सामाजिक धारणा है, जो उस स्थिति को दर्शाती है जब किसी व्यक्ति ने अभी तक यौन संबंध नहीं बनाया होता। यह मुख्य रूप से महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए लागू हो सकता है, लेकिन इसे परिभाषित करने और समझने के तरीके विभिन्न संस्कृतियों, समाजों और व्यक्तिगत दृष्टिकोणों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं।

महिलाओं में वर्जिनिटी का अक्सर संबंध हाइमन (योनि में एक पतली झिल्ली) से किया जाता है, हालांकि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार हाइमन का टूटना हमेशा यौन संबंध का प्रमाण नहीं होता। यह खेल, शारीरिक गतिविधियों या अन्य कारणों से भी टूट सकता है।

पुरुषों में वर्जिनिटी का सीधा शारीरिक माप नहीं होता, इसलिए इसे अधिकतर सामाजिक और व्यक्तिगत आधार पर ही देखा जाता है।

वर्जिनिटी का वास्तविक शारीरिक मूल्य नहीं है, लेकिन यह कई समाजों में नैतिकता, शुद्धता, या धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी हुई हो सकती है।

Ovarian cyst (अंडाशय की थैली) महिलाओं के अंडाशय (ओवरी) में बनने वाली तरल पदार्थ से भरी थैली होती है। यह आमतौर पर एक साधा...
24/09/2024

Ovarian cyst (अंडाशय की थैली) महिलाओं के अंडाशय (ओवरी) में बनने वाली तरल पदार्थ से भरी थैली होती है। यह आमतौर पर एक साधारण और सामान्य स्थिति होती है, जो मासिक धर्म चक्र के दौरान विकसित होती है। अधिकतर मामलों में ये थैली बिना किसी इलाज के खुद ही ठीक हो जाती है। लेकिन अगर यह बड़ी हो जाती है या फट जाती है, तो दर्द, सूजन या अन्य लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं, जिसके लिए चिकित्सकीय ध्यान की आवश्यकता हो सकती है।

मुख्य प्रकार के ओवेरियन सिस्ट:

फॉलिक्यूलर सिस्ट: यह तब बनता है जब अंडाणु अंडाशय से नहीं निकल पाता और अंडाशय के अंदर ही बढ़ता जाता है।
कॉर्पस ल्यूटियम सिस्ट: यह तब बनता है जब अंडाशय से अंडाणु निकलने के बाद कॉर्पस ल्यूटियम (अंडाणु छोड़ने वाला हिस्सा) तरल से भर जाता है।
सामान्य लक्षण:

पेट में दर्द या भारीपन
पीठ के निचले हिस्से में दर्द
मासिक धर्म चक्र में बदलाव
सूजन या पेट में दबाव
अगर सिस्ट का आकार बड़ा हो या उसमें कोई जटिलता हो, तो डॉक्टर द्वारा अल्ट्रासाउंड या अन्य टेस्ट से इसकी जांच की जाती है।

पुरुष प्रजनन तंत्र (Male Reproductive System) में कई अंग और संरचनाएँ शामिल होती हैं, जो प्रजनन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण ...
13/09/2024

पुरुष प्रजनन तंत्र (Male Reproductive System) में कई अंग और संरचनाएँ शामिल होती हैं, जो प्रजनन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह तंत्र पुरुष के शरीर में शुक्राणु (s***m) के निर्माण और उसके निष्कासन की प्रक्रिया को संचालित करता है। मुख्य रूप से पुरुष प्रजनन तंत्र निम्नलिखित अंगों से मिलकर बना होता है:

1. वृषण (Te**es)
वृषण दो अंडाकार ग्रंथियाँ होती हैं, जो स्क्रोटम (अंडकोष थैली) में स्थित होती हैं। यह शरीर के बाहर होती हैं ताकि शुक्राणु का उत्पादन सही तापमान पर हो सके।
वृषण का मुख्य कार्य शुक्राणु का निर्माण और टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) का उत्पादन करना होता है।
2. अंडकोष थैली (Sc***um)
यह त्वचा की थैली होती है, जिसमें वृषण होते हैं। यह वृषणों को शरीर के तापमान से थोड़ा ठंडा रखता है, जिससे शुक्राणु का निर्माण सही तरीके से हो सके।
3. वीर्य वाहिनी (Vas Deferens)
यह एक नली होती है, जो शुक्राणुओं को वृषण से लेकर वीर्य थैली (Seminal Vesicle) तक पहुँचाती है।
4. वीर्य थैली (Seminal Vesicle)
वीर्य थैली एक प्रकार का तरल स्रावित करती है, जो शुक्राणु के साथ मिलकर वीर्य (Semen) का निर्माण करता है। यह तरल शुक्राणुओं को ऊर्जा प्रदान करता है और उनके गति में सहायक होता है।
5. प्रोस्टेट ग्रंथि (Prostate Gland)
प्रोस्टेट एक ग्रंथि होती है, जो वीर्य में एक द्रव का स्राव करती है। यह द्रव शुक्राणुओं को पोषण देता है और उनके अस्तित्व को बनाए रखने में मदद करता है।
6. लिंग (P***s)
लिंग वह अंग होता है, जिसके माध्यम से वीर्य शरीर से बाहर निष्कासित किया जाता है। यह पुरुष का बाहरी जननांग होता है और मैथुन (सहवास) के समय शुक्राणु को महिला के जननांग में स्थानांतरित करता है।
7. मूत्रमार्ग (Urethra)
यह एक नली होती है, जो मूत्र और वीर्य दोनों को शरीर से बाहर निकालने का कार्य करती है। मूत्र और वीर्य कभी एक साथ बाहर नहीं निकलते, क्योंकि मूत्रमार्ग में एक वाल्व होता है, जो वीर्य निष्कासन के समय मूत्र के मार्ग को बंद कर देता है।
8. शुक्राणु (S***m)
शुक्राणु वह कोशिका होती है, जो अंडाणु (Egg) को निषेचित करती है। एक शुक्राणु का सिर, मध्य भाग और पूंछ होती है, जिसकी मदद से यह महिला के गर्भाशय तक पहुँचता है।
पुरुष प्रजनन तंत्र का मुख्य कार्य संतान उत्पत्ति के लिए शुक्राणु का निर्माण और उन्हें महिला के शरीर में पहुँचाना होता है।

Cataract ( मोतियाबिंद)मोतियाबिंद (Cataract) आंख की एक आम बीमारी है जिसमें आंख की लेंस, जो आमतौर पर पारदर्शी होती है, धुं...
12/09/2024

Cataract ( मोतियाबिंद)
मोतियाबिंद (Cataract) आंख की एक आम बीमारी है जिसमें आंख की लेंस, जो आमतौर पर पारदर्शी होती है, धुंधली या सफेद हो जाती है। इससे दृश्यता कम हो जाती है और व्यक्ति को देखने में कठिनाई होती है।

मोतियाबिंद के कारण:
उम्र: सबसे सामान्य कारण उम्र बढ़ने के साथ लेंस के प्रोटीन के बदलाव के कारण होता है।
आनुवांशिकता: यदि परिवार में किसी को मोतियाबिंद है, तो इसका खतरा बढ़ सकता है।
आंख की चोट: आंख में किसी प्रकार की चोट भी मोतियाबिंद का कारण बन सकती है।
बिमारी: मधुमेह जैसी बीमारियों के कारण भी मोतियाबिंद हो सकता है।
औषधियाँ: कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स भी मोतियाबिंद का कारण बन सकते हैं।
सूरज की रोशनी: लंबे समय तक बिना चश्मे के धूप में रहने से भी मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है।
लक्षण:
धुंधला या धुंधला दिखाई देना
रात्रि के समय देखने में समस्या
रंगों का फीका दिखाई देना
दृष्टि में बार-बार बदलाव
उपचार:
मोतियाबिंद का मुख्य उपचार सर्जरी है, जिसमें धुंधले लेंस को हटा कर एक नया, कृत्रिम लेंस लगाया जाता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः बहुत सुरक्षित होती है और दृष्टि सुधारने में काफी प्रभावी होती है।

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