25/03/2026
मध्यप्रदेश के बैतूल की पावन भूमि पर पहली बार आयोजित हुआ यह अलौकिक कार्यक्रम, जहाँ नए श्रद्धालुओं के बीच उमड़ी अपार श्रद्धा और उत्साह ने वातावरण को दिव्य बना दिया।
जय स्वर्वेद कथा की मधुर धारा ने प्रत्येक हृदय को स्पर्श किया, वहीं 151 कुण्डीय वैदिक महायज्ञ में गूँजते वेदमंत्रों ने सम्पूर्ण वातावरण को पवित्र ऊर्जा से भर दिया।
इस अवसर पर संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के सान्निध्य में उपस्थित सभी नए श्रद्धालुओं ने विहंगम योग ध्यान की अमृतमयी विधि को आत्मसात किया।