21/05/2026
कैसे करूँ कीर्तन मेरे श्याम का प्रभु स्वर में मेरे माधुर्य नहीं
मन का भाव प्रकट करने को वाणी में चातुर्य नहीं है प्रभु
नहीं दान है,नहीं दक्षिणा खाली हाथ आया हु
पूजा की विधि नहीं जानता फिर भी प्रभु जी द्वार आपके आया हु
जो है तुझे अर्पन है अब उठाकर गले लगालो आस बंधाकर आया हु
मैं प्रभु श्याम प्रेम का प्यासा एक दिल है उसे लुटाने आया हु
जो कुछ है तेरा है तेरे चरणों में अर्पित है ठुकरा दो या स्वीकार करो
मिलने की आस बंधाये रखना
किरपा का खज़ाना लुटाये रखना...
मेरा शरीर कहीं भी रहे मेरे श्याम
मेरा मन खाटू में बसाये रखना...!!!
जय जय श्री श्याम
🙏बोलते रहो , बोलते रहो, बोलते रहो मन मे मिश्री घोलते रहो बोलते रहो, बोलते रहो, बोलते रहो, समय कोई भी ह़ो
बस नाम एक ही होना चहिये।🙏
🙋जय श्री श्याम 🙋
🙏"जय श्री श्याम🙏
🙏"जय श्री श्याम🙏
🙏कानुडा परिवार🙏